विश्व हिंदू परिषद बुधवार को लखनऊ मे रैली करने जा रही है.
लखनऊ से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अनुमान है कि मंगलवार की शाम तक इस रैली के लिए कोई पाँच हज़ार परिषद कार्यकर्ता लखनऊ पहुँच चुके थे.
परिषद के एक नेता के अनुसार तय कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर में एक सभा के बाद परिषद कार्यकर्ता अयोध्या के लिए कूच करेंगे.
विश्व हिंदू परिषद 17 अक्तूबर को अयोध्या में विवादित परिसर के पास अदालत की रोक के बावजूद रैली करना चाहती है.
उधर अयोध्या में परिषद की रैली को रोकने के लिए अयोध्या की ओर जानेवाले परिषद कार्यकर्ताओं की धर-पकड़ जारी है.
इस बीच ख़बर है कि अयोध्या जानेवाली जिन रेलगाड़ियों का आवागमन रद्द कर दिया गया था उन्हें फिर शुरू कर दिया गया है.
अयोध्या में सुरक्षा के ज़बरदस्त इंतज़ाम किए गए हैं और एहतियात के तौर पर स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.
दावा
परिषद के एक नेता प्रभु नारायण सिंह ने बताया है कि लखनऊ में आमसभा के बाद कार्यकर्ता समर्थन हासिल करने के लिए पूरे शहर में जुलूस निकालेंगे.
प्रभु नारायण सिंह ने कहा,"हमारे कार्यक्रम का अच्छी तरह प्रचार किया गया है. अगर पुलिस हमें गिरफ़्तार करना चाहती है तो वह ऐसा कर सकती है."
विश्व हिंदू परिषद की रैली की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों पर प्रशासन खुलकर कुछ नहीं बता रहा.
जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया उनकी ठीक-ठीक संख्या भी नहीं मिल पा रही है मगर ख़बर है कि पूरे राज्य में लगभग चार से छह हज़ार परिषद कार्यकर्ताओं को पकड़ा जा चुका है.
पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या और पूरे फ़ैज़ाबाद में 100 से भी ज़्यादा अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ तैनात कर दी हैं.