गुरुवार, 19 फ़रवरी, 2009 को 07:53 GMT तक के समाचार
अमरीका ने नैटो के देशों से अपील की है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान से लड़ने के लिए अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाएँ.
नैटो के रक्षा मंत्रियों की गुरुवार को पोलैंड में बैठक होने वाली है. इसमें भाग लेने जाते समय अमरीकी रक्षामंत्री रार्बट गेट्स ने ऐसा कहा है. उनका ये भी कहना था कि सहयोगी देश हिचकिचा सकते हैं लेकिन वे इस बात पर ज़ोर देंगे कि वे सुरक्षा के लिए आगे आएँ.
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के सर्वोच्च कमांडर जनरल डेविड मैक्किरनन ने आशंका जताई है कि क्षेत्र के लिए आने वाला साल और कठिन होगा.
राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अफ़ग़ानिस्तान में 17 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती को मंज़ूरी मिलने के बाद जनरल मैक्किरनन का यह बयान आया है.
जिन सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान में तैनात किया जाएगा उन्हें पहले इराक़ में तैनात किया जाना था.
अफ़ग़ानिस्तान में क़रीब 14 हज़ार अमरीकी सैनिक नैटो के अभियान में शामिल हैं. इनके अतिरिक्त क़रीब 19 हज़ार सैनिक केवल अमरीकी सेना के नेतृत्व में ही वहाँ तालेबान और अल क़ायदा से लड़ रहे हैं. इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या 50 हज़ार हो जाएगी.
सहयोगियों पर दबाव
पोलैंड जाते हुए अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा, "अमरीकी प्रशासन अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त प्रतिबद्धता के लिए तैयार है....लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि अन्य सहयोगी भी ऐसा ही करेंगे.... पर फ़िलहाल (सहयोगियों का) की प्रतिक्रिया निराशाजनक रही है."
उन्होंन कहा कि अमरीका चाहता है कि उसके सहयोगी देश अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले अपने सैनिक वहाँ भेजें.
पोलैंड के कारकोव में मौजूद बीबीसी की रक्षा संवाददाता कैरोलाइन वॉट का मानना है कि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त सैनिक तैनात करने की पहल से नैटो के अन्य सहयोगी देशों पर इस बात का दबाव बढ़ा है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता के लिए सैनिकों के साथ-साथ नागरिक सहायता भेंजें.
वॉट का कहना है कि ब्रिटेन से भी यह उम्मीद की जा रही है कि वह पश्चिम यूरोप के सहयोगी देशों पर अफ़ग़ानिस्तान का बोझ साझा करने के लिए दबाव डाले.
नैटो के नेतृत्व वाले अभियान का ब्रिटेन दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी है. उसके क़रीब 8000 सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हटन ने इन दावों से इनकार किया है कि कुछ अमरीकी कमांडर वहाँ ब्रितानी सैनिकों के काम से ख़ुश नहीं हैं.
लंदन के 'फ़ाइनेंशियल टाइम्स' अख़बार को दिए एक साक्षात्कार में हटन ने कहा, "मैं नहीं सोचता की यह उचित है और न ही मैं यह सोचता हूँ कि यह पेंटागन या किसी और के असल विचार हैं."