बुधवार, 21 जनवरी, 2009 को 05:09 GMT तक के समाचार
आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारतीय अख़बार भी बराक ओबामा के अमरीकी राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने की ख़बरों से भरे हुए हैं. भारतीय अख़बारों का स्वर भी उम्मीदों भरा है.
राष्ट्रीय सहारा का शीर्षक है- बराक लाए बदलाव. अख़बार लिखता है कि अमरीका में इतिहास तो पहले ही रचा जा चुका था, आज बस उसे अमली जामा पहनाया गया.
अख़बार कहता है कि शपथ लेते ही उन्होंने चरमपंथियों को ललकारा और देश को आर्थिक संकट से उबारने का भरोसा दिलाया.
अमर उजाला ने शीर्षक लगाया है- नए युग का आगाज़. समाचारपत्र लिखता है कि अमरीका के पहले अफ़्रीकी-अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा की लोकप्रियता का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला.
तापमान की परवाह किए बगैर 20 लाख से ज्यादा लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने.
हिंदुस्तान की सुर्खी है- मुबारक ओबामा. अख़बार ने ओबासा से भारत की अपेक्षाओं की सूची छापी है.
इसमें कहा गया है कि अमरीकी के नए प्रशासन का रवैया भारत के साथ बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने वाला हो, अमरीका चरमपंथी गुटों के सफाए के लिए पाकिस्तान पर ज्यादा दबाव बनाए, असैन्य परमाणु सहयोग पर पहले की तरह पूरा समर्थन करे और निशस्त्रीकरण पर भारत के रुख़ खासकर परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न करने के फ़ैसले को समझे.
नवभारत टाइम्स ने छोटा सा शीर्षक लगाया है- ऑल द बेस्ट.
अख़बार लिखता है कि उम्मीद और बदलाव की लहरों पर सवार होकर अमरीका की किस्मत बदलने निकले बराक ओबामा ने मंगलवार को देश के 44वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली है.
अख़बार लिखता है कि ओबामा ने वो कर दिखाना है जो उनकी पीढ़ी में किसी को नहीं करना पड़ा. मंदी की मार झेल रहे अमरीका को ओबामा से चमत्कार की उम्मीद है और ऐसे में सिर्फ़ यही कहा जा सकता है- ऑल द बेस्ट.
नीतियों पर नज़र
दैनिक जागरण का शीर्षक है- अमरीका में नई सुबह.
अख़बार लिखता है कि बराक ओबामा के सत्ता संभालते ही अब भारत की नज़रें उनकी नीतियों पर टिक गईं हैं.
भारत के कूटनयिक देखना चाहते हैं कि ओबामा की कथनी और करनी में कितना साम्य है.
इंडियन एक्सप्रेस की ने पहले पेज पर उनके बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ लेते हुए बड़ी तस्वीर छापी है.
अख़बार अपने संपादकीय पेज में लिखता है कि जॉर्ज बुश जो विरासत छोड़ गए हैं, उस पर ओबामा को अपनी भावी योजनाओं का निर्माण करना होगा.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि बराक ओबामा के पदभार संभालने के पहले दिन से ही अफ़ग़ानिस्तान और मध्य पूर्व की समस्याओं से रूबरू होना पड़ेगा.
हिंदुस्तान टाइम्स की हेडिंग है- आई बराक हुसैन ओबामा...
अख़बार लिखता है कि इसमें कोई शक नहीं कि बदलाव हुआ है लेकिन इसमें अचंभे की कोई बात नहीं है.