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बुधवार, 21 जनवरी, 2009 को 19:12 GMT तक के समाचार

'ग्वांतानामो बे बंद करने के आदेश'

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गुरुवार को जो फ़ैसले जारी करने वाले हैं, उनके प्रारुप के मुताबिक एक साल के भीतर ग्वांतानामो बे बंद कर दिया जाएगा.

इस आदेश से यह भी पता चलेगा कि ग्वांतानामो में बंद क़ैदियों का भविष्य क्या होगा.

इन क़ैदियों के ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई तत्काल रोकने की उनकी सलाह पर सैन्य ट्राइब्यूनल पहले ही दो मामलों की सुनवाई स्थगित करने का आदेश जारी कर चुका है.

इस बीच अमरीकी सीनेट ने विदेश मंत्री के पद पर हिलेरी क्लिंटन की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है.

राष्ट्रपति के रुप में पहले दिन अपने कार्यालय पहुँचे ओबामा सलाहकारों के साथ इराक़ की स्थिति और आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज पर चर्चा करेंगे.

वो सैन्य सलाहकारों से मिलने वाले हैं. उन्होंने इराक़ से 16 महीनों के भीतर सेना वापल बुलाने की घोषणा की थी.

पहला दिन

बराक ओबामा ने ऑफ़िस संभालते ही नए आदेश जारी किए जो सरकारी मूल्यों और कामकाज में पारदर्शिता से संबंध रखते हैं.

इन आदेशों में व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर रोक और संघीय कर्मचारियों के लिए नए नैतिक सिद्धांतों पर हस्ताक्षर को अनिवार्य बनाना शामिल है.

ओबामा ने कहा है कि वो सरकार में पारदर्शिता के लिहाज़ से नए युग का सूत्रपात कर रहे हैं.

वो पहले दिन अपने ओवल ऑफ़िस में बुधवार सुबह आठ बजकर 35 मिनट पर पहुँचे.

उन्होंने मध्य-पूर्व के चार बड़े नेताओं मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास को टेलीफ़ोन किया.

मुक़दमे की सुनवाई पर रोक

राष्ट्रपति बराक ओबामा के अनुरोध के मद्देनज़र ग्वांतानामो बे में अमरीकी सैन्य ट्राइब्यूनल ने दो मुक़दमों की सुनवाई रोकने के आदेश दिए हैं.

अमरीका के नए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पद संभालते ही ग्वांतनामो बे में बंद संदिग्ध चरमपंथियों के ख़िलाफ़ मुक़दमों को अस्थाई रूप से बंद करने का अनुरोध किया था.

उन्होंने इन मुकदमों को 120 दिनों तक के लिए टालने की माँग की थी.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन का कहना है कि उसे ग्वांतानामो बे के सिलसिले में जारी नीतियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा के लिए समय चाहिए.

लगभग 250 क़ैदी ग्वांतानामो बे में क़ैद हैं और उनमें से कुछ ने सुनवाई में हो रही देरी पर आपत्ति जताई है.

इनमें खालिद शेख़ मोहम्मद और 9/11 की घटना के अन्य अभियुक्त शामिल हैं.

ग़ौरतलब है कि बुधवार को ही 11 सितंबर के हमलों के पाँच अभियुक्तों के मामले की सुनवाई होनी थी.