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सोमवार, 19 जनवरी, 2009 को 03:28 GMT तक के समाचार

'ग़ज़ा से जल्द सैनिक वापस बुलाएँगे'

इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि वो ग़ज़ा से जल्द से जल्द इसराइली सैनिकों को वापस बुलाना चाहते हैं.

एहुद ओल्मर्ट यूरोपीय नेताओं से बातचीत के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

इस पत्रकारवार्ता के दौरान इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट कई ऐसे यूरोपीय नेताओं से घिरे हुए थे जिनमें से कई ने हमास के ख़िलाफ़ इसराइली हमलों के तरीक़ों की कड़ी आलोचना की थी.

इसराइली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ज़रूरत से ज़्यादा समय तक इसराइल को ग़ज़ा में अपने सैनिक रखने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

एहुद ओल्मर्ट ने कहा,'' हम ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं करना चाहते. हम ग़ज़ा में रहना नहीं चाहते. हम तो ख़ुद ग़ज़ा से जल्द से जल्द वापस लौटना चाहते हैं.''

इससे पहले हुई बैठक में यूरोपीय देशों के कई नेताओं ने भाग लिया जो ख़ासतौर पर हमास और इसराइल के संघर्षविराम को अपना समर्थन देने के लिए इसराइल आए थे.

फ़ैसले का स्वागत

इस अवसर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने इसराइल के ग़ज़ा से वापसी के फ़ैसले का स्वागत किया.

गॉर्डन ब्राउन ने कहा,'' इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि वो जल्द से जल्द गज़ा से अपने सैनिक वापस बुलाना चाहते हैं. मैं उम्मीद करता हूँ कि ये यथाशीघ्र हो और ये भी उम्मीद करता हूँ कि नाकेबंदी भी खोली जाए. मुझे लगता है कि संघर्षविराम के बाद यही अगला चरण होगा जिससे स्थाई शांति के लिए बातचीत फिर शुरू हो सकेगी.''

उधर यूरोपीय देशों के नेताओं ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि पिछले 24 घंटों की गतिविधियों से फायदा उठाकर इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति प्रक्रिया फिर शुरू करना कितना ज़रूरी है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ग़ज़ा में युद्धविराम की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है.

इसराइल की ओर से युद्धविराम की घोषणा करने के बाद हमास ने इसराइल पर क़रीब 20 रॉकेट दागे और इसके जवाब में इसराइल ने भी हवाई हमला किया.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले शनिवार को इसराइल ने गज़ा में हमास के ख़िलाफ़ एकतरफ़ा युद्धविराम की घोषणा कर दी थी.

इसके बाद रविवार को हमास ने भी युद्धविराम की घोषणा कर दी.

ग़ज़ा में तीन हफ़्ते पहले इसराइल ने सैन्य कार्रवाई शुरु की थी जिसमें 1300 से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए थे और पाँच हज़ार से अधिक लोग घायल हुए थे.