रविवार, 18 जनवरी, 2009 को 03:26 GMT तक के समाचार
इसराइली ने पिछले तीन हफ़्तों से हमास के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अपने व्यापक सैन्य अभियान को रोक दिया है.
इसराइली सेना का कहना है कि उसकी एकतरफ़ा युद्धविराम की घोषणा के बाद ग़ज़ा पट्टी से इसराइली शहर की ओर रॉकेट दागे गए. इनमें किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
लेकिन इसराइल की ओर से सैन्य कार्रवाई की कोई ख़बर नहीं है.
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट का कहना था कि इसराइल ने अपने लक्ष्य से कहीं अधिक हासिल कर लिया है यानि इसका अर्थ है कि हमास को भारी नुक़सान पहुँचाया जा चुका है.
टेलीविज़न पर युद्धविराम की घोषणा करते हुए ओल्मर्ट ने कहा, "सैन्य शक्ति के रुप में या ढाँचागत ताक़त के हिसाब से हमास को नुक़सान पहुँचाने के बाद इसराइल का लक्ष्य हासिल हो गया है."
ओल्मर्ट ने कहा है, "इसराइल गज़ा के नागरिकों से घृणा नहीं करता, वह उनको नुक़सान नहीं पहुँचाना चाहता था."
उनका कहना था कि संघर्ष विराम हमास पर निर्भर करता है यदि वो फिर से रॉकेट दागेगा तो इसराइली सेना फिर से कार्रवाई शुरु कर देगी.
उल्लेखनीय है कि हमास पिछले कई वर्षों से इसराइल पर रॉकेट दागता रहा है.
लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री कहा है कि इसराइल फ़िलहाल ग़ज़ा में अपनी उपस्थिति बनाए रखेगा.
हमास की माँग
दूसरी ओर हमास ने कहा है कि उसे ग़ज़ा में एक भी इसराइली सैनिक मंज़ूर नहीं है.
हमास पहले भी कई बार कह चुका है कि जब तक उसकी मांगें नहीं मानी जाती, वह ऐसे समझौते पर ध्यान नहीं देगा.
ग़ज़ा पट्टी में तीन सप्ताह पहले सैनिक कार्रवाई शुरू हुई थी और इस बीच एक हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं और पाँच हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं.
एहुद ओल्मर्ट की घोषणा इसराइली मंत्रिमंडल के फ़ैसले के बाद हुई है जिसमें युद्धविराम का समर्थन किया गया था.
संघर्ष विराम की घोषणा पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि ग़ज़ा में इसराइल के एकतरफ़ा युद्धविराम से वे राहत महसूस कर रहे हैं.
बेरूत से बान की मून ने कहा है कि यह स्थाई युद्धविराम की ओर पहला क़दम है और इसके बाद गज़ा से यथाशीघ्र इसराइली सैनिकों की वापसी का रास्ता बनेगा.
उनका कहना था कि अब हमास को भी हमले बंद कर देने चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कहना था कि अब वहाँ मानवीय सहायता पहुँचाना प्राथमिकता है.
दूसरी ओर ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ग़ज़ा में हथियारों की तस्करी को रोकने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग करने जा रहे हैं.
यह इसराइल की प्रमुख चिंता है और शुक्रवार को इस संबंध में इसराइल और अमरीका के बीच एक समझौता भी हुआ था.