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गुरुवार, 15 जनवरी, 2009 को 20:35 GMT तक के समाचार

हमास के एक बड़े नेता की मौत

गज़ा में हुए एक हवाई हमले में हमास के एक शीर्ष नेता की मौत हो गई है. हमास और इसराइली अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है.

मारे गए नेता सैद सियाम हमास के गृहमंत्री थे और वे हमास के पाँच शीर्ष नेताओं में से एक माने जाते थे.

उनकी मौत उस समय हुई जब गज़ा शहर के पास उनके भाई के घर पर हवाई हमला हुआ.

इससे पहले इसराइली सैनिक ग़ज़ा के अंदर तक घुस गए जिसके बाद से हमास और इसराइली सेना के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी ने कहा है कि ग़ज़ा में इसराइली गोलाबारी के चलते उसके मुख्यालय के आधे हिस्से में आग लग गई है.

वरिष्ठ नेता

सैद सियाम हमास के एक बड़े नेता थे.

गृहमंत्री के रुप में उन पर गज़ा में हमास के हज़ारों सुरक्षा सैनिकों को नियंत्रित करने की ज़िम्मेदारी थी और कहा जाता है कि उनका बड़ा दबदबा था.

जिस हमले में उनकी मौत हुई उसमें उनके भाई और बेटे की भी मौत हो गई है.

साथ ही हमास के दो अधिकारी भी मारे गए हैं जिनमें गृहमंत्रालय के सलाहकार सालेह अबू शार्ख़ और हमास के स्थानीय नेता मोहम्मद अबू वातफ़ा हैं.

गज़ा में पिछले 20 दिनों से चल रहे संघर्ष में मारे गए नेताओं में सैद सियाम सबसे वरिष्ठ नेता हैं.

वर्ष 2004 में शेख यासीन और अब्दुल अज़ीज़ रांतिसी की हत्या इसराइल ने करवा दी थी इसके बाद सैद सियाम चरमपंथी गुट के सामूहिक नेतृत्व का हिस्सा बन गए थे.

भीषण संघर्ष

इस बीच गज़ा में भीषण संघर्ष चल रहा है और एक इसराइली हमले में संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी के मुख्यालय के एक हिस्से में आग लग गई.

इसराइल-ग़ज़ा सीमा पर पत्रकारों से बात करते हुए एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि हमले में तीन कर्मचारी घायल हुए हैं.

प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी मुख्यालय के परिसर में गोले गिरे जो व्हाइट फ़ॉसफ़ोरस गोले लग रहे थे. उन्होंने कहा कि परिसर में 700 लोग थे और वे इस बात को लेकर चिंतित थे कि वहाँ पाँच ईंधन के टैंक भी रखे हुए थे.

ये पूछे जाने पर कि क्या हमला इसराइल ने किया है, प्रवक्ता ने कहा कि जानकारी के मुताबिक शायद ही हमास के पास व्हाइट फ़ॉसफ़ोरस उपलब्ध है.

महासचिव बान की मून ने हमले पर क्षोभ प्रकट किया है. उनके मुताबिक इसराइल ने उनसे कहा है कि ये बड़ी गलती थी.

संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा है कि एजेंसी अब गुरुवार को राहत सामग्री उपलब्ध नहीं करा पाएगी.

इसराइली सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सेना ने बुधवार रात को 70 ठिकानों पर हमला किया जिसमें एक मस्जिद शामिल है. उनके मुताबिक मस्जिद का इस्तेमाल हथियार रखने के लिए किया जा रहा था.

इस बीच संघर्षविराम के लिए कोशिशें जारी हैं. मिस्र के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए इसराइल के मुख्य वार्ताकार काहिरा में हैं.