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मंगलवार, 13 जनवरी, 2009 को 16:15 GMT तक के समाचार

'यूरोपीय देशों में गैस की आपूर्ति बाधित'

रुस की गैस कंपनी गैज़प्रॉम का कहना है कि यूक्रेन ने यूरोपीय देशों की गैस सप्लाई रोक रखी है. इसके बाद अब गैस आपूर्ति विवाद का कोई हल निकलना मुश्किल दिख रहा है.

गैज़प्रॉम के उप प्रमुख अलेक्जेंडर मेदवेदेव का कहना है कि रुस ने गैस की सप्लाई बहाल की है लेकिन यूक्रेन गैस यूरोपीय देशों में पहुँचाने में विफल रहा है.

उधर यूक्रेन का कहना है कि रुस ने गैस सप्लाई के लिए बने रुट को बदल दिया है.

रुस-यूक्रेन बॉर्डर के पास पंपिग स्टेशन से बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि दोनों देशों के बीच इस नए विवाद से स्पष्ट दिखता है कि अविश्वास किस हद तक बढ़ गया है.

दोनों देश कर्ज़ और गैस की कीमत को लेकर उपजे मतभेद को सुलझाने में विफल रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि रुस ने पिछले बुधवार को यूरोपीय देशों को गैस की आपूर्ति यह कहते हुए रोक दी थी कि यूरोपीय उपभोक्ताओं के लिए दी जाने वाली गैस की चोरी यूक्रेन कर रहा है.

गैज़प्रॉम के पिछले एक हफ़्ते से गैस की सप्लाई बंद करने से लाखों घरों में गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है जिससे अनेक लोग कड़ाके की ठंड झेलने को मजबूर हैं.

निगरानी

हालांकि सोमवार को रुस ने गैस आपूर्ति को चालू करने की बात की थी. उसका कहना था कि रुस और यूरोपीय देशों के पर्यवेक्षकों को यूक्रेन से जाने वाली गैस रुट की निगरानी करने दी जाए.

रुस का कहना है कि बुधवार को सूज़ा पंपिग स्टेशन पर से गैस की आपूर्ति चालू कर दी गई. यूरोपीय देश के पर्यवक्षकों ने भी बाद में इसकी पुष्टि की है. हालांकि उनका कहना था कि यह बेहद कम थी.

यूरोपीय देशों में लगभग एक चौथाई गैस की आपूर्ति रुस से होती है जिसका 80 प्रतिशत हिस्सा यूक्रेन से होकर ही जाता है.

मेदवेदेव का कहना है कि गैज़प्रॉम ने यूरोपीय संघ को इस बात की सूचना दे दी है कि वह यूक्रेन के रास्ते गैस की आपूर्ति करने में असमर्थ है क्योंकि यूक्रेन ने कोई निर्यात पाइप लाईन नहीं खोल रखी है.

इस विवाद की वजह से मध्य यूरोप के 15 से ज्यादा देश प्रभावित हैं.गैस सप्लाई बाधित होने से सबसे अधिक प्रभावित देशों में सर्बिया और बोस्निया-हर्ज़ेगोविना हैं.