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मंगलवार, 13 जनवरी, 2009 को 23:04 GMT तक के समाचार

'अमरीका को 'स्मार्ट' शक्ति बनाएँ'

हिलेरी क्लिंटन ने अमरीकी सीनेट की एक समिति के समक्ष कहा है कि वो विदेश मंत्री के रूप में सैन्य और कूटनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करेंगी.

अमरीकी विदेश मामलों की समिति ने हिलेरी क्लिंटन को विदेश मंत्री बनाए जाने की पुष्टि के संबंध में एक बैठक आयोजित की थी.

हिलेरी क्लिंटन सीनेट में न्यूयॉर्क का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और उनका उनके पुराने साथियों ने स्वागत किया.

अपने शुरुआती वक्तव्य में हिलेरी क्लिंटन ने अपने सहयोगी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने की बात कही.

उनका कहना था,'' अमरीका अपने आप अधिकांश समस्याओं को हल नहीं कर सकता है और बिना अमरीका के दुनिया उन्हें हल नहीं कर सकती है.''

उनका कहना था,'' हमें स्मार्ट शक्ति के रूप में काम करना होगा और इसके लिए जो भी संसाधन हमारे पास हैं, उनका इस्तेमाल करना ज़रूरी है.''

'हमास से बात नहीं'

मध्य पूर्व के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि वो हमास के साथ तब तक कोई बातचीत नहीं करेंगी जब तक कि वह हिंसा नहीं छोड़ता और इसराइल को मान्यता प्रदान नहीं करता है.

ईरान के संबंध में उनका कहना था कि ओबामा प्रशासन इस बारे में नई सोच के साथ काम करेगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हिलेरी क्लिंटन की विदेश नीति पर राय मध्यमार्गियों को पसंद आएगी. वो एक लोकप्रिय राष्ट्रपति के लिए काम कर रही हैं इसलिए उन्हें फिलहाल कड़े सवालों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

संवाददाता का कहना है कि अमरीका में हर कोई ये जानना चाहता है कि विदेशी मामलों- ईरान से लेकर मध्यपूर्व और रूस व अफ़ग़ानिस्तान पर निर्वाचित राष्ट्रपति ओबामा और उनकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का क्या रुख़ रहेगा.

उनके विदेश मंत्री बनने पर सीनेट की विदेश मामलों की समिति गुरुवार को अपनी मोहर लगाएगी लेकिन प्रेक्षकों का कहना है कि इसमें कोई परेशानी पेश नहीं आएगी.