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रविवार, 11 जनवरी, 2009 को 22:28 GMT तक के समाचार

ग़ज़ा में इसराइल ने रिज़र्व सैनिक उतारे

इसराइली सेना ने पहली बार घोषणा की है कि ग़ज़ा पट्टी पर अभियान में उसने नियमित सेना के अलावा रिज़र्व सैनिक भी उतारे हैं.

दूसरी ओर यरुशलम में पत्रकारों से बातचीत में सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इसका मतलब ये नहीं है कि हमले का दूसरा चरण शुरू हो गया है.

इसके पहले इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा था कि ग़ज़ा में इसराइल अपना सैन्य मकसद हासिल करने के क़रीब है, साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि सैन्य अभियान जारी रहेगा.

यरुशलम में इसराइली कैबिनेट की बैठक के बीच प्रधानमंत्री ओल्मर्ट ने कहा है कि ये वो समय है जब हम अपनी उपलब्धियों को उन लक्ष्यों में बदल सकते हैं जो हमने तय किए हैं.

संघर्षविराम के आह्वान वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर एहुद ओल्मर्ट का कहना था, " किसी को भी ये तय करने की अनुमति नहीं दे जाएगी कि हम हमला कर सकते हैं या नहीं."

फ़लस्तीनी चिकित्सीय सूत्रों के मुताबिक रविवार को ग़ज़ा में 29 लोग मारे गए.

इसराइल का जबसे सैन्य अभियान शुरु हुआ है तब से ग़ज़ा में 879 फ़लस्तीनी लोग मारे जा चुके हैं जबकि 13 इसराइली नागरिकों की मौत हुई है.

इसराइली अधिकारियों का कहना है कि इसराइल में फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने 12 रॉकेट दागे.

प्रस्ताव पर सहमति नहीं

हमास और इसराइल दोनों ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.

इस बीच इसराइली सेना ने इस बात से इनकार किया है कि उसने ग़ज़ा में फासफोरस बम लगाए हैं.

छह महीनों तक हमास और इसराइल के बीच संघर्षविराम के बाद इसराइल ने ग़ज़ा पर हमले किए हैं.

इसराइल को उम्मीद है कि इस अभियान के बाद ग़ज़ा से होने वाले मिसाइल हमलों और हमास के समर्थन में कमी आएगी.

हमास ने 2006 में फ़लस्तीनी चुनाव जीते थे और एक साल बाद ग़ज़ा पर नियंत्रण कर लिया था जबकि फ़तह गुट का नियंत्रण पश्चिमी तट के इलाकों पर है.

रविवार को चरमपंथियों ने ग़ज़ा से कई रॉकेट दागे जो इसराइली इलाक़े में जाकर गिरे. इससे नुक़सान तो हुआ पर कोई हताहत नहीं हुआ है.

इसराइल अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने ग़ज़ा में जाने नहीं दे रहा है और वहाँ किसी भी घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पा रही है.