रविवार, 11 जनवरी, 2009 को 14:01 GMT तक के समाचार
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि ग़ज़ा में इसराइल अपना सैन्य मकसद हासिल करने के करीब है और संकेत दिए कि अभियान जारी रहेगा.
ख़बरों के मुताबिक इसराइली सेना ग़ज़ा में भीषण संघर्ष कर रही है. फ़लस्तीनी चिकित्सीय सूत्रों के मुताबिक रविवार को ग़ज़ा में 29 लोग मारे गए.
सूत्रों का कहना है कि 27 दिसंबर को जबसे अभियान शुरु हुआ है तब से ग़ज़ा में 879 फ़लस्तीनी लोग मारे जा चुके हैं. जबकि 13 इसराइली-10 सैनिकों और तीन नागरिकों की मौत हुई है.
इसराइली अधिकारियों का कहना है कि इसराइल में फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने 12 रॉकेट दागे.
यरुशलम में इसराइली कैबिनेट की बैठक के बीच प्रधानमंत्री ओल्मर्ट ने कहा है कि ये वो समय है जब हम अपनी उपलब्धियों को उन लक्ष्यों में बदल सकते हैं जो हमने तय किए हैं.
संघर्षविराम के आह्वान वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर एहुद ओल्मर्ट का कहना था, "किसी को भी ये तय करनी की अनुमति नहीं दे जाएगी कि हम हमला कर सकते हैं या नहीं."
ग़ज़ा पर हमले
हमास और इसराइल दोनों ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सैन्य अभियान ख़त्म होने से पहले वो और गहराएगा.
इस बीच इसराइली सेना ने इस बात से इनकार किया है कि उसने ग़ज़ा में फ़ॉसफोरस बम लगाए हैं.
छह महीनों तक हमास और इसराइल के बीच संघर्षविराम के बाद इसराइल ने ग़ज़ा पर हमले किए हैं. कुछ हफ़्ते बाद ही इसराइल में संसदीय चुनाव होने वाले हैं.
इसराइल को उम्मीद है कि इस अभियान के बाद ग़ज़ा से होने वाले मिसाइल हमलों में कमी आएगी और साथ ही हमास के समर्थन में कमी आएगी.
हमास ने 2006 में फ़लस्तीनी चुनाव जीते थे और एक साल बाद ग़ज़ा पर नियंत्रण कर लिया था जबकि फ़तह गुट का नियंत्रण पश्चिमी तट के इलाकों पर है.
रविवार को चरमपंथियों ने ग़ज़ा से कई रॉकेट दागे जो इसराइली इलाके में जाकर गिरे. इससे नुकसान तो हुआ पर कोई हताहत नहीं हुआ है.
इसराइल अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने ग़ज़ा में जाने नहीं दे रहा है और वहाँ किसी भी घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पा रही.