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संयुक्त राष्ट्र ने ग़ज़ा में सहायता कार्य रोका

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह ग़ज़ा पट्टी में सहायता सामग्री भेजने का काम फ़िलहाल रोक रहा है. संयुक्त राष्ट्र के वाहन पर हुए हमले के बाद ऐसा फ़ैसला किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इसराइली टैंक के गोले उसके वाहनों पर गिरे हैं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता का कहना है कि जब तक उसके कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती, सहायता सामग्री भेजने का काम रोका जा रहा है.

इसराइली सेना का कहना है कि वह इस घटना की जाँच कर रही है. इसराइल ने ग़ज़ा में सहायता सामग्री भेजे जाने के लिए तीन घंटे तक अपनी सैनिक कार्रवाई रोकी थी.

चिंता

संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी की चिंता ऐसे समय में आई है जब ग़ज़ा में संघर्ष और तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है. लेबनान से उत्तरी इसराइल में तीन रॉकेट हमले किए गए हैं.

इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा में अपनी कार्रवाई और तेज़ कर दी है. हालाँकि लेबनान सरकार ने रॉकेट हमलों की आलोचना की है.

दूसरी ओर ग़ज़ा में डॉक्टरों का कहना है कि दो सप्ताह पहले शुरू हुई इसराइली सैनिक कार्रवाई में अभी तक 760 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.

उधर अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसी रेड क्रॉस ने भी इसराइल की आलोचना की है. रेड क्रॉस का कहना है कि इसराइल ने ग़ज़ा के घायल आम नागरिकों की सहायता करने का वादा पूरा नहीं किया है.

रेड क्रॉस के कर्मचारियों को इसराइली हमले में ध्वस्त हो गए एक घर से चार ऐसे कमज़ोर और सहमे हुए बच्चे मिले हैं, जो हमले में मारी गई अपनी माँ के शव के पास बैठे हुए थे.

आरोप

रेड क्रॉस का आरोप है कि उसके सहायताकर्मियों को कई दिनों तक उन इलाक़ों में जाने नहीं दिया गया. एक बयान जारी करके इसराइल और फ़लस्तीनी इलाक़ों में रेड क्रॉस के प्रमुख पियरे वेटैच ने कहा है कि ये सदमा देने वाली घटना है.

उन्होंने बयान में कहा है- इसराइली सेना स्थिति से अनजान नहीं है. लेकिन उन्होंने घायलों की सहायता नहीं की. उन्होंने न तो हमें या फ़लस्तीनी रेड क्रॉस को घायलों की सहायता करने दिया.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि रेड क्रॉस जैसी संस्था की आलोचना काफ़ी कड़ी है और ये ऐसी संस्था से आई है जिसे निष्पक्ष माना जाता है.

इसराइली सेना का कहना है कि औपचारिक रूप से शिकायत मिलने के बाद ही किसी भी गंभीर आरोप की जाँच की जाएगी.

इस बीच मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दोनों पक्षों पर आरोप लगाया है कि वे आम नागरिकों को अपनी ढाल बना रहे हैं.