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सोमवार, 05 जनवरी, 2009 को 08:48 GMT तक के समाचार

ग़ज़ा पर इसराइली हमला: एक ब्यौरा

पिछले 10 दिनों से ग़ज़ा पट्टी में इसराइल के हमले जारी हैं. इनके पीछे कई वजहें हैं. संघर्षविराम का ख़त्म होना, हमास का इसराइल पर हमला और पूरी भौगोलिक-राजनीतिक स्थिति का इतिहास...

हमास के हमलों की क़ीमत इसराइल पूरी ग़ज़ा पट्टी को अपना निशाना बनाकर चुकता कर रहा है. समुद्री, हवाई और ज़मीनी रास्ते से हमले हो रहे हैं ग़ज़ा पट्टी पर.

दुनिया के कई देश इन हमलों का विरोध कर रहे हैं, हमास के हमलों की भी निंदा हो रही है पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में न तो इसराइल रुका है और न ही हमास ने अपने हमले बंद किए हैं.

अभी तक पाँच सौ से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. हज़ारों घायल हैं और कितनी ही संपत्ति का नुकसान हो चुका है. बिजली, संचार और पानी की आपूर्ति भी ठप्प हो रही हैं.

पिछले 10 दिनों के इस घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नज़र है. आइए, सिलसिलेवार ढंग से इसे देखने की कोशिश करें कि पिछले दिनों से अबतक क्या हुआ---

शनिवार, 27 दिसंबर, 2008

इसराइल ने हमास को इसराइल पर हुए मिसाइल हमलों के लिए दोषी ठहराते हुए कहा कि अब सब्र का बांध टूट रहा है. मोर्चा खोल दिया गया और इसराइल ने ग़ज़ा में मिसाइलें दागीं. स्थानीय लोगों के अनुसार इसमें क़रीब 225 लोग मारे गए.

आम लोगों के अलावा मारे गए लोगों में पुलिसकर्मी और हमास के कार्यकर्ताओं के अलावा पुलिस प्रमुख तौफ़ीक जबेर भी शामिल थे.

नेतिवोत में हमास के रॉकेट हमले में एक इसराइली नागरिक की मौत हो गई और कुछ लोग घायल हो गए हैं.

रविवार, 28 दिसंबर, 2008

जबलिया में एक मस्जिद में बनाए गए शरणार्थी शिविर पर हुए हवाई हमले में कुछ लोग मारे गए. यबना शरणार्थी शिविर में भी लोगों के मारे जाने की ख़बर.

रफ़ा में तीन भाइयों की मौत का समाचार. खान यूनिस शहर में इस्लामिक जेहाद के चार सदस्य और एक बच्चे की मौत हो गई.

दीर-अल-बला में फ़लस्तीनी नागरिक घायल हो गए और कुछ घर और इमारतें नष्ट हो गईं.

इसराइली लड़ाकू विमानों ने मिस्र और ग़ज़ा को जोड़ने वाली सुरंगों पर हमला किया.

इसराइली जल सेना ने ग़ज़ा के बंदरग़ाह और ख़ुफ़िया संस्था की इमारत पर हमला किया.

सोमवार, 29 दिसंबर, 2008

सीमावर्ती इलाके में एक हमले में कुछ इसराइली सैनिकों की मौत. इसके अलावा पाँच अन्य लोग घायल हो गए.

गज़ा शहर में हुए एक हवाई हमले में गृह मंत्रालय और तेल-अल-हवा स्थित इस्लामिक विश्वविद्यालय गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए.

हमास नेता इस्माइल हानिया के घर को निशाना बनाते हुए हमले हुए जिसमें शाती शरणार्थी शिविर को नुकसान पहुँचा.

अश्केलो में हुए एक रॉकेट हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कुछ लोग घायल हुए.

मंगलवार, 30 दिसंबर, 2008

बैत हनून में हुए एक हवाई हमले में दो लड़कियाँ मारी गईं. ग़ज़ा शहर में मंत्रालय की तीन इमारतों पर हमला किया गया.

अशदोद में हुए एक रॉकेट हमले में एक महिला की मौत हो गई. बीरशेबा में ग़ज़ा से रॉकेट हमला किया गया.

इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से हमास की निंदा और इसराइल से कार्रवाई रोकने की बात उठने लगी थी.

बुधवार, 31 दिसंबर, 2008

ग़ज़ा शहर में पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया के दफ़्तर और हमास की दूसरी इमारतों पर हमला किया गया.

इसराइली लड़ाकू विमानों ने मिस्र के साथ वाली सीमा पर स्थित सुरंगों पर हमले जारी रखे.

बीरशेबा में दूसरे दिन भी हमास ने रॉकेट हमले किए लेकिन इनमें किसी की मौत की ख़बर नहीं मिली.

गुरुवार, 1 जनवरी, 2009

ग़ज़ा शहर में न्याय मंत्रालय, विधानसभा, नागरिक रक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय की इमारतों के अलावा दो मुद्रा परिवर्तक दफ़्तरों और एक वर्कशॉप पर भी हमला किया गया.

जबलिया में हुए एक हवाई हमले में नौ अन्य लोगों समेत एक वरिष्ठ हमास नेता निज़ार रयान की मौत हो गई.

दक्षिण इसराइल में 30 से भी ज़्यादा रॉकेट दागे गए जिनमें से एक ने अशदोद और दो ने बीरशेबा में तबाही की.

शुक्रवार, 2 जनवरी, 2009

खान यूनिस में हुए एक इसराइली हवाई हमले में तीन फ़लस्तीनी बच्चों की मौत हो गई.

जबलिया में एक मस्जिद को नष्ट कर दिया गया. इसराइली सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक इस मस्जिद का इस्तेमाल हथियारों को रखने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था.

अशकेलो में हमास ने 20 से भी ज़्यादा रॉकेट दागे जिनमें से कुछ ने अश्केलो शहर में तबाही मचाई लेकिन इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली.

शनिवार, 3 जनवरी, 2009

इसराइली सेना ने गज़ा पट्टी के उत्तर में प्रवेश करते हुए जमीनी संषर्ष शुरू किया. इससे कुछ ही घंटों पहले इसराइल ने इस संघर्ष के शुरू होने के बाद पहली दफ़ा तोप से गोले दागे.

गज़ा शहर में रात को पड़े एक छापे में हमास मिलिट्री के नेताओं में से एक अबू ज़करिया-अल-जमाल की मौत हो गई.

दक्षिण इसराइल के अशकेलो, अशदोद और देरोत में कम से कम 20 फ़लस्तीनी रॉकेट दागे गए जिनमें किसी के मारे जाने की खबर नहीं मिली लेकिन अश्केलो में एक मकान ज़रूर नष्ट हो गया.

बैतलिहा में एक मस्जिद पर हुए एक इसराइली हमले में करीब 10 फ़लस्तीनियों की मौत हो गई.

इससे पहले क्षेत्र के एक अमरीकी स्कूल पर हुए हमले में एक सेविका की मौत हो गई.

रविवार, 4 जनवरी, 2009

गज़ा पट्टी पर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैत हनून, बैतलिहा और जबलिया के शरणार्थी शिविरों में ज़बरदस्त संघर्ष हुआ.

मिली खबरों के अनुसार इसराइली सेना ने ज़ैतोन क्षेत्र में मुख्य उत्तर दक्षिण सड़क को बंद कर दिया और नेतज़ारिम में पूर्व यहूदी बस्ती पर कब्ज़ा कर लिया.

ग़ज़ा शहर में एक स्कूल और एक बाज़ार के पास गोले फटने से अनेक फ़लस्तीनी नागरिक मारे गए.

बैत लहिया में तोप के एक गोले के फटने से 12 नागरिक मारे गए.

दक्षिण इसराइल में गज़ा सीमा के नज़दीक के देरोत, नेतिवोत और दूसरे शहरों में कम दूरी तक मार करने वाली 25 मिसाइल दागी गईं जिनमें एक महिला घायल हो गई.

देर रात तक ग़ज़ा के काफ़ी अंदर तक इसराइली सैनिक पहुँच चुके थे. ग़ज़ा उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बंट गया था.

दक्षिणी ग़ज़ा की ओर जाने वाले रास्तों को भी इसराइली सेना ने ध्वस्त कर दिया ताकि उस तरफ लोग भागकर न जा सकें.

सोमवार, 5 जनवरी, 2009

सूत्रों के मुताबिक गज़ा पट्टी के दक्षिण में क़रीब 40 इसराइली तोप खान यूनिस की ओर बढ़ रही हैं.

ताज़ा जानकारियों के मुताबिक इसराइली सेना ने इस क्षेत्र को दो हिस्सों में बाँट दिया है. विश्व समुदाय का दबाव इसराइली पर बेअसर लग रहा है.

यूरोपीय संघ के एक उच्चस्तरीय दल और फ्रांस के राष्ट्रपति सार्कोज़ी इसराइल जाने वाले हैं ताकि शांति प्रयासों को बल मिल सके.

युद्ध अभी जारी है...............