शनिवार, 03 जनवरी, 2009 को 16:20 GMT तक के समाचार
इसराइली सेना ने गज़ा पर हमले तेज़ कर दिए हैं और आठ दिन से चल रहे आक्रमण में पहली बार उसने तोपों का इस्तेमाल किया है.
तोपों के इस्तेमाल को गज़ा में इसराइली सेना की ज़मीनी कार्रवाई की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है.
इस बीच इसराइल गज़ा पट्टी में हवाई हमले भी जारी रखे हैं, इसराइल का कहना है कि ये हमले हमास के ख़िलाफ़ किए जा रहे हैं जबकि इन हमलों में अब तक 400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.
गज़ा के बेत लहिया शहर में एक गोला एक मस्जिद में गिरा है, स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मस्जिद में गोला तब गिरा जब वहाँ लोग शाम की नमाज़ पढ़ रहे थे.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, शनिवार के ताज़ा हमले में कम से कम 10 लोग मारे गए हैं जिनमें कई औरतें और बच्चे शामिल हैं.
ये हमले ऐसे समय में तेज़ हुए हैं जबकि दुनिया भर में गज़ा में हो रहे हमलों के ख़िलाफ़ कई विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया है.
लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क सहित दुनिया के कई बड़े शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं जिनमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया है.
बयान
ग़ज़ा पर इसराइल के हवाई हमलों और फ़लस्तीनी रॉकेट हमलों के एक हफ़्ते बाद अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने हिंसा के लिए फ़लस्तीनी संगठन हमास को दोषी ठहराया है.
उधर निर्वासन का जीवन बिता रहे हमास के नेता खालिद मशाल ने हमले शुरु होने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में इसराइल को चेतावनी दी है कि यदि वह ग़ज़ा में ज़मीनी सैन्य कार्रवाई करता है तो उसे 'अंधकारमय भविष्य' का सामना करना पड़ेगा.
यूरोपीय कूटनयिकों ने पिछले सप्ताह इसराइल को 48 घंटों के संघर्षविराम के लिए राज़ी करने की कोशिश की थी जिसे उसने ठुकरा दिया था.
इसराइल के विदेश मंत्री जिपी लिवनी ने कहा था, "हम समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं जिसमें समय लगेगा, हमले इतनी जल्दी नहीं रुकने वाले हैं."
दूसरी ओर, हमास के नेता ख़ालिद मशाल ने एक अरबी टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा, "हम टूटने नहीं वाले हैं और न ही आत्मसमर्पण करने वाले हैं. हम उनकी शर्तों के सामने भी झुकने वाले नहीं हैं."