शुक्रवार, 02 जनवरी, 2009 को 09:10 GMT तक के समाचार
ग़ज़ा पर इसराइल के हमले के छठे दिन के बाद फ़लस्तीनी संगठन हमास ने फ़लस्तीनियों से अपील की है कि वे 'मौत और तबाही' के विरोध में शुक्रवार को रोष दिवस के रूप में मनाएँ.
पिछले दिनों इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा संबंधी संघर्षविराम ख़त्म होने और हमास के इसे आगे न बढ़ाने के बाद से इसराइल ने ग़ज़ा में लगातार हवाई हमले किए हैं और दूसरी ओर फ़लस्तीनी ग़ज़ा से रॉकेट हमले कर रहे हैं.
अस्पतालों के अनुसार इसराइली हमलों में 400 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं जबकि फ़लस्तीनी रॉकेट हमलों में चार इसराइली मारे गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संघर्षविराम संबंधी प्रस्ताव के मसौदे पर सहमति नहीं बन पाई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपील के बावजूद इसराइल ने हवाई हमले नहीं रोके हैं.
शुक्रवार को हमास के एक वरिष्ठ नेता नज़ार रयान की ऐसे ही हमलों में मौत हो गई. नज़ार रयान इसराइल के घोर विरोधी थे और इसराइल के ख़िलाफ़ आत्मघाती हमलों की अपील करते थे.
सेना की तैनाती
हमास की ताज़ा अपील के जवाब में इसराइल ने अपनी सुरक्षा और कड़ी कर दी है.
इसराइली पुलिसकर्मी पूरे पूर्वी येरुशलम में तैनात कर दिए गए हैं और पश्चिमी तट से सभी फ़लस्तीनियों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है.
इसराइल ने कहा है कि उसका सैन्य अभियान फ़लस्तीनी रॉकेट हमलों के जवाब में था और वह योजना के मुताबिक चल रहा है.
इसराइल सैनिक और टैंक ग़ज़ा की सीमा पर तैनात हैं और कई फ़लस्तीनी परिवारों को उस इलाक़े के हटने पर मजबूर होना पड़ा है.