मंगलवार, 30 दिसंबर, 2008 को 18:08 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर जूता फेंकने वाले इराक़ के पत्रकार मुंतज़िर अल ज़ैदी के मामले की सुनवाई टाल दी गई है.
31 दिसंबर को उनके मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन उनके ख़िलाफ़ आरोप तय न होने पाने के कारण सुनवाई टाल दी गई.
इराक़ के केंद्रीय आपराधिक अदालत के एक प्रवक्ता ने बताया कि ज़ैदी की सुनवाई उनके वकील के अनुरोध के बाद टाली गई है और सुनवाई की तारीख़ बाद में तय की जाएगी.
ग़ौरतलब है कि विदेशी राष्ट्राध्यक्ष पर हमले के आरोप में उन्हें 15 साल की सज़ा हो सकती है.
यदि उन पर एक विदेशी नेता का अनादर करने का आरोप लगाया जाता है तो इसमें केवल दो वर्ष की सज़ा का प्रावधान है.
वकील की दलील
मुंतज़िर अल ज़ैदी के वकील का कहना था कि उनकी अपील का आधार ये है कि वे इराक़ में अमरीका की उपस्थिति का विरोध कर रहे थे और उनके क़दम से राष्ट्रपति बुश को कभी गंभीर ख़तरा उत्पन्न नहीं हुआ.
समाचार एजेंसी रॉयटर से बातचीत में ज़ैदी के वकील दिया अल सादी ने कहा,'' आपने कभी सुना है कि किसी की जूते से मौत हुई हो?''
उनका कहना था,'' यूरोप में अपमानित करने के लिए लोग अंडे और सडे हुए टमाटर फेंकते हैं, इराक़ में ऐसा करने के लिए जूते फेंके जाते हैं.''
इसके पहले सुरक्षा विशेषज्ञों ने विस्फोटक होने की संभावना को जाँचने के लिए जूतों को नष्ट कर दिया था.
मुंतज़िर अल ज़ैदी के वकील ने इसकी कड़ी आलोचना की थी.
उनका कहना है कि वह कोई मामूली जूता नहीं था बल्कि इराक़ियों की नज़र में वह उनके प्रतिरोध का प्रतीक था.
इस जूते को ख़रीदने के लिए इराक़ी फुटबॉल टीम के पूर्व कोच और एक सऊदी नागरिक ने लाखों डॉलर की बोलियाँ लगाई थीं.
ग़ौरतलब है कि मुंतज़िर अल ज़ैदी ने बग़दाद में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति के ऊपर अपने दोनों जूते बारी-बारी से चलाए थे लेकिन वो उन्हें लगे नहीं थे, इसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.
मुंतज़िर ज़ैदी इराक़ी और अरब जनता के बीच हीरो बन गए हैं और उनकी रिहाई की माँग करते हुए कई प्रदर्शन हो चुके हैं.