सोमवार, 29 दिसंबर, 2008 को 18:13 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने तत्काल संघर्ष विराम की अपील की है. उनका कहना था कि आम लोगों की मुश्किलों से उन्हें दुख पहुँचा है.
बान की मून का कहना था कि वो इसराइल के अपनी रक्षा करने के अधिकार को स्वीकार करते हैं लेकिन अत्यधिक ताक़त का इस्तेमाल करना उचित नहीं है.
दूसरी ओर इसराइल के रक्षा मंत्री एहुद बराक ने कहा है कि उनके देश ने फ़लस्तीनी इस्लामी गुट हमास और उसके नेतृत्व के ख़िलाफ़ युद्ध अभियान छेड़ दिया है.
इधर ग़ज़ा पट्टी पर लगातार तीसरे दिन इसराइल के हमले जारी हैं. सोमवार को इसराइल ने चरमपंथी गुट हमास से जुड़ी कई इमारतों को फिर निशाना बनाया.
हमलों के साथ ही मरनेवालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है.
फ़लस्तीनी डॉक्टरों के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार शनिवार से अब तक इसराइली हमलों में 345 लोग मारे गए हैं और घायलों की संख्या एक हज़ार से ज़्यादा है.
संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी ने अपने अधिकारियों के हवाले से इसकी पुष्टि की है कि मरने वालों में 50 से ज़्यादा आम नागरिक हैं.
आम नागरिक हताहत
एक फ़लस्तीनी डॉक्टर ने बीबीसी को बताया है कि रविवार की रात और सोमवार को हुए हमलों में मारे गए सभी आम नागरिक थे.
उन्होंने बताया कि घायलों की संख्या इतनी ज़्यादा है कि अस्पताल के साधारण कमरों को भी गहन चिकित्सा कक्ष में बदल दिया गया है.
सोमवार को ग़ज़ा में आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय और इस्लामिक यूनिवर्सिटी की इमारत पर हवाई हमला हुआ. रफ़ा में भी एक वरिष्ठ हमास नेता के घर को निशाना बनाया गया.
इसराइली टैंक ग़ज़ा से लगी सीमा पर खड़े हैं और इसराइल ने जवाबी कार्रवाई में रॉकेट दाग़े जाने की आशंका को देखते हुए ग़ज़ा के आसपास के इलाक़ों को सैनिक क्षेत्र घोषित कर दिया है.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि इसराइल इस क़दम से ज़मीनी कार्रवाई का दबाव भी बनाना चाहता है.
भारी विरोध
कई देशों में ग़ज़ा पर इसराइली हमले का विरोध हुआ है. सीरिया, इराक़, जॉर्डन, लेबनान सहित कई देशों में लोग इस हमले के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आए.
तेहरान में विरोध करने वाले लोगों में ईरानी अधिकारी भी शामिल थे जिन्होंने इसराइल को दुनिया के नक़्शे से हटा देने की अपील की.
तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि ग़ज़ा में तुरंत युद्धविराम होना चाहिए. ओमान में खाड़ी देशों के अरब नेता ग़ज़ा संकट पर चर्चा कर रहे हैं.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने ग़ज़ा की स्थिति को ख़तरनाक बताया है और कहा है कि यह मध्य पूर्व के लिए 'काला समय' है.