सोमवार, 29 दिसंबर, 2008 को 14:07 GMT तक के समाचार
ग़ज़ा पट्टी पर लगातार तीसरे दिन इसराइल का हमला जारी है. सोमवार को इसराइल ने चरमपंथी गुट हमास से जुड़ी कई इमारतों को फिर निशाना बनाया.
फ़लस्तीनी डॉक्टरों के हवाले से आई ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ शनिवार से अब तक इसराइली हमले में 315 लोग मारे गए हैं. घायलों की संख्या एक हज़ार से ज़्यादा है.
संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी ने अपने अधिकारियों के हवाले से इसकी पुष्टि की है कि मरने वालों में 50 से ज़्यादा आम नागरिक हैं.
एक फ़लस्तीनी डॉक्टर ने बीबीसी को बताया है कि रविवार की रात और सोमवार को हुए हमलों में मारे गए सभी आम नागरिक थे.
निशाना
उन्होंने बताया कि घायलों की संख्या इतनी ज़्यादा है कि अस्पताल के साधारण कमरों को भी गहन चिकित्सा कक्ष में बदल दिया गया है.
सोमवार को ग़ज़ा में आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय और इस्लामिक यूनिवर्सिटी की इमारत पर हवाई हमला हुआ. रफ़ा में भी एक वरिष्ठ हमास नेता के घर को निशाना बनाया गया.
इसराइली टैंक ग़ज़ा से लगी सीमा पर खड़े हैं और इसराइल ने जवाबी कार्रवाई में रॉकेट दाग़े जाने की आशंका को देखते हुए ग़ज़ा के आसपास के इलाक़ों को सैनिक क्षेत्र घोषित कर दिया है.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि इसराइल इस क़दम से ज़मीनी कार्रवाई का दबाव भी बनाना चाहता है.
विरोध
कई देशों में ग़ज़ा पर इसराइली हमले का विरोध हो रहा है. सीरिया, इराक़, जॉर्डन, लेबनान सहित कई देशों में लोग इस हमले के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आए हैं.
तेहरान में विरोध करने वाले लोगों में ईरानी अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने इसराइल को दुनिया के नक़्शे से हटा देने की अपील की.
तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि ग़ज़ा में तुरंत युद्धविराम होना चाहिए. ओमान में खाड़ी देशों के अरब नेता ग़ज़ा संकट पर चर्चा कर रहे हैं.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने ग़ज़ा की स्थिति को ख़तरनाक बताया है और कहा है कि यह मध्य पूर्व के लिए 'काला समय' है.