शनिवार, 27 दिसंबर, 2008 को 22:25 GMT तक के समाचार
ग़ज़ा पट्टी में इसराइल की सैनिक कार्रवाई अभी भी जारी है. इसराइल के हमलों में ग़ज़ा क्षेत्र में मारे गए लोगों की तादाद 200 से ज़्यादा हो गई है.
जहाँ अमरीका और यूरोपीय संघ की ओर से कहा गया है कि इस संघर्ष को तुरंत रोका जाना चाहिए वहीं इसराइल का कहना है कि हमले ग़ज़ा पट्टी से इसराइल पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए किए जा रहे हैं.
फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक 200 से ज़्यादा लोगों की अबतक इन हमलों में मौत हो चुकी है.
यह भी बताया जा रहा है कि सैकड़ों लोग इन हमलों में घायल हो गए हैं जिसमें से कई की हालत गंभीर और चिंताजनक बताई जा रही है.
ग़ज़ा में अस्पतालों की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार मुहैया करा पाना संभव नहीं हो पा रहा है.
ग़ज़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिस्र देश से कहा है कि अपनी सीमा की एक क्रासिंग को खोलकर लोगों को वहाँ उपचार के लिए आने दें.
गज़ा पर इसराइली सेना का यह कई दशकों में अब तक का सबसे बड़ा हमला है, हमास के साथ हुए युद्धविराम समझौते के समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद यह हमला हुआ है.
हमास और इसराइल के बीच छह महीने के लिए युद्धविराम का समझौता हुआ था और जब वह समाप्त हो गया तो दोनों पक्षों ने उसे आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं किया, दोनों पक्षों ने युद्धविराम टूटने के लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराया है.
इसराइल ने कहा कि वह गज़ा पट्टी से होने वाले रॉकेट हमलों के जवाब में यह कार्रवाई कर रहा है और वह तब तक बमबारी जारी रखेगा "जब तक ज़रूरी हो."
शनिवार की सुबह शुरू हुए हमले में इसराइल ने साठ लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया और कम से कम तीस मिसाइलें छोड़ीं.
इसराइली रक्षा मंत्री यहूद बराक ने कहा, "हमले रोकना आसान नहीं है और यह कोई छोटा हमला नहीं होगा. कभी अमन का वक़्त होता है और कभी लड़ने का, यह लड़ने का वक़्त है."
फ़लस्तीनी विद्रोही गज़ा पट्टी से इसराइली शहरों को निशाना बनाकर रॉकेट दागते रहते हैं, हाल के दिनों में युद्धविराम ख़त्म होने के बाद से लगातार रॉकेट हमले होते रहे हैं जिनके ख़िलाफ़ इसराइल ने चेतावनी जारी की थी.
एक बयान जारी करके इसराइली सेना ने कहा है कि उसने हमास के "आतंकवादियों, उनके प्रशिक्षण शिविरों और हथियारों के ज़खीरे को निशाना बनाया है."
हमास के पुलिस विभाग के प्रवक्ता इस्लाम शहवान ने कहा, "इसराइल ने गज़ा शहर में पुलिस परिसर को निशाना बनाया जबकि वहाँ नए पुलिसकर्मियों की परेड चल रही थी."
इस हमले में कम से कम 12 पुलिसकर्मी मारे गए हैं जिनकी तस्वीरें हमास ने जारी की हैं.
इसराइली विदेश मंत्री जिपी लिवनी ने कहा है, "इसराइल के पास कोई और विकल्प नहीं था, हम वही कर रहे हैं जो अपने नागरिकों को बचाने के लिए करना ज़रूरी है."
इसराइल ने गज़ा पट्टी के मुख्य शहर सहित ख़ान यूनिस और रफ़ा जैसे शहरों को भी निशाना बनाया है.
फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसराइली हमलों की निंदा की है और संयम बरतने की अपील की है, अब्बास की फ़तह पार्टी को हमास ने 2007 में हुए चुनाव में गज़ा में पराजित कर दिया था.
बदले की कार्रवाई
इसराइली हमले के बाद हमास ने बदले की कार्रवाई की घोषणा की है, उसने इसराइली हमले के फ़ौरन बाद गज़ा पट्टी से कई रॉकेट दागे हैं, इन हमलों में इसराइली शहर नेटिवेट में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
हमास के प्रवक्ता फौजी बरहूम ने कहा, "हमास ख़ून के आख़िरी क़तरे तक लड़ाई लड़ेगा."
ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसराइल गज़ा में ज़मीनी सैनिक कार्रवाई भी कर सकता है, इस बीच कई नेताओं ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर चिंता प्रकट की है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इसराइल से अपील की है कि "हमास को निशाना बनाने के क्रम में आम नागरिकों को नुक़सान पहुँचाने से बचे".
ब्रिटेन और फ्रांस ने भी इसराइल से संयम बरतने की अपील की है, यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से अनुरोध किया है कि वे हमले बंद कर दें.
चिंताजनक स्थिति
गज़ा पट्टी की मस्जिदों ने लोगों से अपील की कि वे जल्द से जल्द रक्तदान करें ताकि घायलों को बचाया जा सके, बीबीसी के रिपोर्टर को स्थानीय लोगों ने बताया कि देखते-देखते सारे अस्पताल घायलों से भर गए.
मिस्र ने गज़ा से लगी अपनी सीमा खोल दी और रफ़ा के निकट घायल हुए लोगों को मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध करवाईं.
सबसे ज्यादा नुक़सान गज़ा शहर में पुलिस परिसर में हुआ, पूरी तरह से तबाह हो गए पुलिस परिसर में गज़ा पुलिस के प्रमुख तौफ़ीक़ जब्बार भी मारे गए हैं.
गज़ा से सामने आने वाली तस्वीरें काफ़ी भयावह हैं, चारों तरफ़ अफ़रा-तफ़री, तबाही और भय का वातावरण दिखाई दे रहा है.