गुरुवार, 11 दिसंबर, 2008 को 15:10 GMT तक के समाचार
इराक़ में एक रेस्तराँ में हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 47 लोग मारे गए हैं.
ये धमाका उत्तरी इराक़ के शहर किरकुक में हुआ है जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है जिनमें से 30 लोगों की हालत काफ़ी गंभीर है.
पुलिस ने बीबीसी को बताया है कि धमाका एक कुर्द रेस्तराँ में हुआ जो शहरी के उत्तरी हिस्से में स्थित है.
किरकुक इराक़ का पुराना शहर है जहाँ कुर्द, अरब, तुर्कमेन समुदाय की मिलीजुली आबादी है.
यह धमाका मुसलमानों के त्यौहार ईद उल अज़हा के अगले दिन हुआ है जबकि लोग एक-दूसरे से मिलजुल रहे थे.
कुर्द शहर इरबील जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित अब्दुल्ला रेस्तराँ में लोग सपरिवार दोपहर का भोजन कर रहे थे तभी अचानक धमाका हो गया.
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ भरे रेस्तराँ में आकर एक आत्मघाती हमलावर ने ख़ुद को उड़ा लिया, हालाँकि पहले कुछ अधिकारियों ने कहा था कि धमाका कार बम से हुआ.
कुछ लोगों का कहना है कि जिस समय धमाका हुआ उस समय रेस्तराँ में कई कुर्द अधिकारी और अरब नेता खाना खा रहे थे.
अब्दुल्ला रेस्तराँ के किरकुक स्थित एक अन्य ब्रांच में पिछले वर्ष कार बम का धमाका हुआ था जिसमें 25 लोग मारे गए थे.
अस्पताल में भर्ती एक कुर्द ने बीबीसी को बताया कि "जब धमाका हुआ तो रेस्तराँ खचाखच भरा था, काँच के टुकड़े चारों ओर उड़ रहे थे, मुझे कुछ पता नहीं है कि मेरे परिवार के लोग कहाँ हैं और किस हाल में हैं."
एक स्थानीय नेता रेबवार तलाबानी का कहना था कि ये रेस्तराँ इसलिए भी लोकप्रिय था क्योंकि लोग इसे सुरक्षित समझते थे, यहाँ कई बार राजनीतिक बैठकें भी हुआ करती थीं.
बीबीसी संवाददाता हम्फ्री हॉक्सले का कहना है कि इराक़ में हिंसा की घटनाओं में काफ़ी कमी आई है लेकिन किरकुक और मूसल जैसे शहर अब भी बहुत ख़तरनाक हैं.