सोमवार, 08 दिसंबर, 2008 को 20:32 GMT तक के समाचार
9/11 के मुख्य अभियुक्त खालिद शेख मोहम्मद और उनके चार साथियों ने अपने ऊपर लगाए गए सारे आरोप स्वीकार करने की इच्छा जताई है.
पाँचों अभियुक्तों ने सैन्य जज कर्नल स्टीफ़न हेनली से कहा है कि वो सारे आरोप स्वीकार कर लेना चाहते हैं.
हालाँकि कर्नल हेनली ने इस बात की जाँच के आदेश दिए हैं कि पाँचों में से दो सुनवाई के लिए मानसिक तौर पर तैयार हैं या नहीं.
11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए आत्मघाती चरमपंथी हमलों में लगभग तीन हज़ार लोग मारे गए थे.
आरोप साबित होने की स्थिति में इन अभियुक्तों को मौत की सज़ा मिल सकती है.
लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि सुनवाई की कोई तिथि तय नहीं हुई है और बराक ओबामा के सत्ता संभालने से पहले ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है.
ओबामा ने कहा है कि वो सैनिक ट्राइब्यूनल के ख़िलाफ़ हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान ग्वांतानामो बे को बंद करने का वादा किया था.
'कई धमकी नहीं'
पहली बार 9/11 की घटना के पाँच भुक्तभोगियों को क्यूबा ले जाया गया था ताकि वो सोमवार को सुनवाई से पहले की प्रक्रिया को देख सकें.
भारी सैन्य सुरक्षा के बीच इन लोगों ने अदालत में शीशे की दीवार के पीछे से कार्रवाई देखी.
मीडियाकर्मियों की मौजूदगी को देखते हुए पाँचों अभियुक्तों पर्दे के पीछे बैठाया गया था.
सुनवाई शुरु होते ही जज ने एक पत्र पढ़ना शुरु किया जिसमें अभियुक्तों ने अपने सभी लंबित बचाव याचिकाएँ वापस लेने की अपील की थी और बिना देर किए विशेष सत्र में ग़लती स्वीकार करने की इच्छा जताई थी.
कर्नल हेनली ने कहा कि पाँचों ने बिना किसी दबाव, धमकी या किसी पक्ष के वादे के ये फ़ैसला किया है.
अमरीका ने कुवैत में जन्मे खालिद शेख मोहम्मद को 'इतिहास के सबसे दुर्दांत आतंकवादियों' में से एक बताया है. माना जाता है कि वो अल क़ायदा के शीर्ष नेताओं में तीसरे नंबर पर रहा है.
पेंटागन के मुताबिक वह पहले ही ग्यारह सिंतबर की घटना में पूरी तरह शामिल होने की बात कबूल कर चुका है.