सोमवार, 01 दिसंबर, 2008 को 03:00 GMT तक के समाचार
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों से उपजी परिस्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने विदेशमंत्री कोंडोलीज़ा राइस को दिल्ली भेजने का फ़ैसला किया है.
डॉ राइस बुधवार को दिल्ली आयेंगी और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाक़ात कर अमरीकी मदद का भरोसा दिलाएँगीं.
अमरीकी विदेशमंत्री का भारत दौरा राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के इस आश्वासन के बाद हो रहा है कि अमरीका पूरी तरह से भारत के साथ है और वह इन हमलों की जाँच में हर संभव मदद देगा.
कूटनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि राष्ट्रपति बुश का आश्वासन और फिर कोंडोलीज़ा राइस का दौरा दोनों इस बात का संकेत हैं कि अमरीका चरमपंथी हमलों को लेकर चिंतित तो है ही वह भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर संवेदनशील भी है.
आश्वासन
राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शनिवार के बाद रविवार को एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को फ़ोन किया.
जैसा कि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता गॉर्डन जॉनड्रो ने बताया, राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री सिंह को आश्वस्त किया है कि अमरीका भारतीय जनता के साथ है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार प्रवक्ता ने कहा, "राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री सिंह को बताया है कि उन्होंने सभी संघीय एजेंसियों सहित विदेश और रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि वे सभी ज़रुरी संसाधन और लोगों को इस मामले में लगा दें."
प्रवक्ता के अनुसार बुश ने इस अवसर को यह दिखाने का अवसर भी बताया है कि पूरी दुनिया 'आतंकवाद से निपटने के लिए' एकजुट है.
इसके बाद कोंडोलीज़ा राइस को भारत भेजने का निर्णय लिया गया है.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव डाना पैरिनो ने कहा, "कोंडोलीज़ा राइस का भारत दौरा लोगों के प्रति एकजुटता ज़ाहिर करना और चरमपंथियों को पकड़ने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराना है."
कोंडोलीज़ा राइस सिर्फ़ बुधवार को दिल्ली में रहेंगीं.