बुधवार, 19 नवंबर, 2008 को 20:05 GMT तक के समाचार
अल क़ायदा संगठन में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अयमन अल ज़वाहिरी ने मुसलमानों से 'अपराधी अमरीका' को नुक़सान पहुँचाने की बात कही है.
एक ऑडियो संदेश में जिसे ज़वाहिरी का बताया जा रहा है, उन्होंने अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा पर अपनी 'मुस्लिम पहचान' को धोखा देने का आरोप लगाया.
उन्होंने ओबामा को ऐसा ‘ग़ुलाम’ बताया जो इस्लाम के दुश्मनों से मिल गया है.
ज़वाहिरी का ये ऑडियो संदेश चरमपंथियों की एक वेबसाइट पर कुछ तस्वीरों के साथ लगा था.
मुसलमानों के प्रति नीति
अपने 11 मिनट के संदेश में ज़वाहिरी ने कहा कि ओबामा के राष्ट्रपति चुने जाने से अमरीकी की मुसलमानों के प्रति नीति में कोई बदलाव नहीं होगा.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ओबामा जॉर्ज बुश की नीतियों पर चले तो वे भी असफल साबित होंगे.
ग़ौरतलब है कि बराक ओबामा ने कहा था कि अल क़ायदा को हमेशा के लिए समाप्त कर देना उनकी प्राथमिकता होगी.
रविवार को उन्होंने कहा था कि ओसामा बिन लादेन को मारना अमरीकी सुरक्षा के लिए अहम है.
ज़वाहिरी के संदेश पर अमरीका का कहना है कि इसमें अमरीका को ख़तरे जैसी कोई बात नहीं है.
लादेन के क़रीबी
उल्लेखनीय है कि अयमन अल ज़वाहिरी को अल क़ायदा संगठन में ओसामा बिन लादेन का दाहिना हाथ कहा जाता है.
अमरीका ने 2001 में जिन 22 वांछित चरमपंथियों की सूची जारी की थी उनमें लादेन के बाद ज़वाहिरी दूसरे नंबर पर थे.
ज़वाहिरी मिस्र के नागरिक हैं और पेशे से डॉक्टर रहे हैं.
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका पर 11 सितंबर, 2001 में हुए हमले के पीछे ज़वाहिरी की ही योजना थी.
अफ़ग़ानिस्तान युद्ध के बाद से अल क़ायदा के धन की व्यवस्था और उसका सारा हिसाब-किताब ज़वाहिरी के ही ज़िम्मे था.
बताया जाता है कि ज़वाहिरी को आख़िरी बार अक्तूबर, 2001 में अफ़ग़ानिस्तान के ख़ोस्त शहर में देखा गया था.
अफ़ग़ानिस्तान से तालेबान की सत्ता ख़त्म होने के बाद से वे भूमिगत हो गए.
कई बार ये भी कहा गया कि वे या तो उत्तरी अफ़्रीका या मध्य पूर्व में कहीं भाग गए मगर अमरीकी अधिकारी मानते हैं कि वो अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाक़े में कहीं छिपे हैं.