गुरुवार, 13 नवंबर, 2008 को 14:14 GMT तक के समाचार
जर्मनी को यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता है लेकिन ताज़ा सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़ जर्मनी मंदी की चपेट में है.
दूसरी तिमाही के बाद अब तीसरी तिमाही में भी जर्मनी के विकास दर में गिरावट आई है. इसका मतलब ये हुआ कि आधिकारिक रूप से जर्मनी की अर्थव्यवस्था मंदी में है.
दूसरी तिमाही में विकास दर में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जबकि तीसरी तिमाही में एक बार फिर इसमें 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई है.
विकास दर में आई गिरावट की मुख्य वजह निर्यात में आई गिरावट है. निर्यात में आई गिरावट इतनी है जितनी विशेषज्ञों ने कल्पना नहीं की थी.
निर्यात कमज़ोर
जर्मनी में संघीय सांख्यिकी कार्यालय का कहना है, "सकल घरेलू उत्पाद में आया नकारात्मक प्रभाव विदेशी व्यापार की वजह से है. आयात में ज़बरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है जबकि निर्यात कमज़ोर हुआ है."
वर्ष 2003 की पहली छमाही में भी जर्मनी की अर्थव्यवस्था में मंदी आई थी. जानकारों का कहना है कि जिस तरह की स्थिति है, उसके मद्देनज़र आख़िरी तिमाही में भी विकास दर में गिरावट आएगी.
जर्मनी के आर्थिक मंत्रालय के मुताबिक़ अगस्त और सितंबर के बीच उन समाग्रियों के लिए ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं, जिनका जर्मनी उत्पादन करता है. ये गिरावट आठ फ़ीसदी की है.
बर्लिन से बीबीसी संवाददाता स्टीव रोज़ेनबर्ग का कहना है कि अगर आप दुनिया की सबसे बेहतरीन कार और दुनिया की सबसे बेहतरीन मशीन बनाते हैं, फिर भी अंतरराष्ट्रीय मंदी के कारण उपभोक्ता इसका बोझ नहीं सहन कर सकते.
पिछले सप्ताह के आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ अगस्त के मुक़ाबले सितंबर में जर्मनी के औद्योगिक उत्पादन में 3.6 फ़ीसदी की गिरावट आई है.