सोमवार, 10 नवंबर, 2008 को 20:50 GMT तक के समाचार
ग्वांतानामो बे के मामले में अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीति अब धीरे धीरे साफ़ हो रही है और लग रहा है कि वो इस पर बुश की नीति के विपरीत कोई क़दम उठा सकते हैं.
ऐसा माना जा रहा है कि ओबामा के सलाहकार एक ऐसी योजना को अमली जामा पहनाने में लगे हैं जिसके तहत ग्वांतानामो बे में हिरासत में रखे गए कुछ लोगों को रिहा किया जाएगा.
इतना ही इस हिरासत केंद्र में रखे गए अधिकतर क़ैदियों को अमरीकी जेलों में रखने और अदालतों में इनका मामला चलाने की बात भी कही जा रही है.
बीबीसी के अमरीका मामलों के संपादक के अनुसार ग्वांतानामो बे में क़ैदियों का एक ऐसा गुट भी है जिनके ख़िलाफ़ सार्वजनिक रुप से मामला नहीं चलाया जा सकता क्योंकि वो राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में कई गुप्त जानकारियां उजागर कर सकते हैं.
ऐसे लोगों के लिए नई अदालत गठित करने की भी योजना पर ओबामा के सलाहकार काम कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर के हमलों के बाद अमरीका ने दुनिया भर में कई लोगों को गिरफ़्तार किया और उन्हें ग्वांतानामो बे में रखा है. इन लोगों के ख़िलाफ़ दुनिया के किसी कोर्ट में न तो मामला दर्ज़ हुआ और न ही इनके ख़िलाफ़ कहीं कोई सुनवाई हुई है.
व्हाइट हाउस में ओबामा
इस बीच बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा के साथ पहली बार व्हाइट हाउस पहुंचे हैं जहां राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ उनकी मुलाक़ात हुई है.
वर्तमान राष्ट्रपति और निर्वाचित राष्ट्रपति ने हाथ मिलाया जिसके बाद बुश उन्हें ओवल ऑफिस में ले गए.
माना जा रहा है कि दोनों के बीच वर्तमान वित्तीय संकट और इराक़ युद्ध पर बातचीत हो सकती है.
ओबामा पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वो राष्ट्रपति बुश की विवादास्पद नीतियों को बदलेंगे.
ओबामा बुश की नीतियों के धुर विरोधी रहे हैं लेकिन मुलाक़ात से पहले दोनों नेताओं कोशिश कर रहे हैं कि सत्ता का हस्तांतरण बिल्कुल आराम से हो और कटुता न दिखे.
इसी कारण दोनों नेताओं के मुलाक़ात की मुस्कुराती हुई तस्वीरें भी मीडिया के लिए जारी की गई हैं.
उधर जहां बुश और ओबामा राजनीति पर बात करेंगे वहीं लॉरा बुश, मिशेल ओबामा को राष्ट्रपति भवन की सैर कराएंगी क्योंकि अगले कुछ महीनों में यह ज़िम्मेदारी मिशेल ओबामा को ही निभानी है.