http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 07 नवंबर, 2008 को 21:45 GMT तक के समाचार

रैनबैक्सी पर अब दाइची का अधिकार

जापान की एक बड़ी दवा निर्माता कंपनी, दाइची ने भारत की अग्रणी दवा कंपनी रैनबैक्सी को ख़रीद लिया है.

किसी विदेशी कंपनी का भारतीय कंपनियों में एक बड़ा हिस्सा ख़रीदकर अपना प्रभाव क़ायम करने का यह अबतक का दूसरा बड़ा मामला बताया जा रहा है.

दाइची ने चार अरब अमरीकी डॉलर की रक़म लगाकर रैनबैक्सी के 60 प्रतिशत शेयर पर अपना अधिकार बना लिया है.

इससे पहले पिछले वर्ष वोडाफ़ोन ने भारतीय कंपनी हच को 11 अरब डॉलर में खरीद लिया था.

इस बात की घोषणा इस वर्ष की शुरुआत में ही हो गई थी पर कई औपचारिकताएं बाकी थीं. दाइची ने कहा है कि उसने रैनबैक्सी के अधिग्रहण का कार्यक्रम पूरा कर लिया है.

ग़ौरतलब है कि सितंबर में अमरीका ने रैनबैक्सी की 30 दवाओं के आयात पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि वे दवा तैयार करने के मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं.

इससे रैन्बैक्सी को बड़ा झटका लगा था और रैन्बैक्सी के शेयर इस प्रतिबंध के बाद तेज़ी से नीचे आए थे.

अब दाइची ने रैनबैक्सी के 60 प्रतिशत शेयरों का मालिकाना हासिल कर लिया है और रैनबैक्सी हाल के दिनों में विदेशी कंपनियों के हाथ जाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है.

रैनबैक्सी को खरीदने का सीधा लाभ जापानी कंपनी को मिलेगा. वह रैनबैक्सी द्वारा तैयार जेनेरिक दवाओं के देशी और विदेशी बाज़ार पर काबिज हो सकेगा.