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सोमवार, 29 सितंबर, 2008 को 18:05 GMT तक के समाचार

प्रयासों के बावजूद बाज़ार में अशांति

दुनिया भर में निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकारों और केंद्रीय बैंकों के किए गए हस्तक्षेप के बावजूद शेयर बाज़ारों में कोई सुधार नहीं हो सका है.

अमरीकी केंद्रीय बैंक, यूरोपीय केंद्रीय बैंक और दुनिया के आठ और केंद्रीय बैंकों ने संकट के हल के लिए अर्थव्यवस्था में और 330 अरब डॉलर डालने की घोषणा की हैं.

उधर विश्वव्यापी आर्थिक संकट के कारण दुनिया के बड़े बैंकों में उलट-पुलट जारी है.

दूसरी ओर अमरीका में वित्तीय संस्थाओं को उबारने के लिए 700 अरब डॉलर की बुश सरकार की योजनासंसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में घंटों चली बहस के बाद अब इस प्रस्ताव पर मतदान होना है.

इस प्रस्ताव को अमरीका के इतिहास की सबसे बड़ी बचाव योजना कहा जा रहा है. इसे ऊपरी सदन सेनेट में बुधवार को रखा जाएगा.

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ये तो भरोसा जताया है कि इससे अमरीकी अर्थव्यवस्था की सेहत ठीक होगी लेकिन उन्होंने साथ ही ये भी चेतावनी दी है कि इस योजना को सभी परेशानियों का हल नहीं समझा जाना चाहिए.

शेयर बाज़ार और बैंक

अमरीका में नए सप्ताह के पहले दिन शेयरों के भाव शुरूआती कारोबार में तेज़ी से गिरे हैं हालाँकि बाद में उनमें थोड़ा सुधार हुआ.

यूरोप में बाजार की हालत बहुत ख़राब रही. लंदन और पेरिस में शेयर बाज़ारों के सूचकांक पाँच प्रतिशत से भी अधिक नीचे चले गए.

आर्थिक संकट के बीच अमरीका के सबसे बड़े बैंक सिटीग्रुप ने देश के छठे बड़े बैंक वाचोविया को ख़रीद लेने की घोषणा की है.

यूरोप में एक बड़े बैंक फ़ोर्टिस को बचाने के लिए तीन देशों - बेल्जियम, नीदरलैंड्स और लक्ज़मबर्ग के केंद्रीय बैंकों ने मिलकर बैंक को 15 अरब डॉलर दिए हैं.

जर्मनी में बैंकों के एक समूह ने आवासीय ऋण देनेवाले एक वित्तीय संस्थान - हाइपो रियर एस्टेट को दीवालिया होने से बचाने के लिए उसे आपात मदद दी है.

वहीं ब्रिटेन में सरकार ने एक और बैंक, ब्रैडफ़ोर्ड एंड बिंग्ली का राष्ट्रीयकरण करने की घोषणा की है.