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मंगलवार, 09 सितंबर, 2008 को 15:06 GMT तक के समाचार

इराक़ से लौटेंगे अमरीकी सैनिक

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि फ़रवरी तक इराक़ से आठ हज़ार अमरीकी सैनिक वापस आ जाएँगे और साथ ही अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान भेजा जाएगा.

एक भाषण में जॉर्ज बुश ने कहा कि इराक़ में हिंसा में आई कमी के कारण ये संभव हो पाएगा कि अफ़ग़ानिस्तान में सैनिक बढ़ाए जाएँ.

अफ़ग़ानिस्तान में 4500 मरीन और सैन्य टुकड़ियों को भेजा जाएगा. अफ़ग़ानिस्तान में अभी 33 हज़ार अमरीकी सैनिक और इराक़ में एक लाख 46 हज़ार सैनिक हैं.

हालांकि भविष्य में सैनिकों की तैनाती के बारे में दीर्घकालिक निर्णय अमरीका के नए राष्ट्रपति ही लेंगे.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में हिंसा में कमी की वजह से अमरीकी राष्ट्रपति को एक मौका मिला है कि वो अपने देश के सैनिकों पर दवाब को कम कर सकें.

अफ़गानिस्तान में चुनौती

इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में यूरोपीय संघ के पूर्व दूत फ़्रेंसेस्क वेनड्रेल ने बुश प्रशासन पर आरोप लगाया है कि अफ़ग़ानिस्तान के प्रति अपनी नीति को लेकर वो गु़मराह कर रहा है.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में पश्चिमी देशों की नीति में समन्वय नहीं है और उस पर दोबारा विचार की ज़रूरत है. फ़्रेंसेस्क वेनड्रेल का कहना था कि राष्ट्रपति बुश के कार्यकाल में ऐसा नहीं हो सकता.

अपने जनरलों के सुझाव पर जॉर्ज बुश ने घोषणा की है कि अनबार प्रांत से नवंबर में एक मरीन बटालियन (1000 लोग) वापस आएगी जिसके जगह किसी को नहीं भेजा जाएगा.

फ़रवरी में सेना की एक टुकड़ी ( तीन से चार हज़ार सैनिक) और 3400 सहायक स्टाफ़ भी फ़रवरी में वापस आएँगे.

नेशनल डीफ़ेंस यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए जॉर्ज बुश ने कहा, "इराक़ के हालात में सुधार की स्थिति यूँ तो कभी भी बदल सकती है लेकिन जनरल पेट्रियस और राजदूत क्रॉकर के मुताबिक स्थिति में सुधार ऐसा है कि हालात नियंत्रित रहेंगे. अगर स्थिति में ऐसे ही सुधार होता रहा तो सैनिक अधिकारियों को लगता है कि 2009 के पहले हिस्से में कई सैनिकों को वापस बुलाया जा सकता है."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सैनिकों की संख्या कम करने का ये फ़ैसला दरअसल एक धीमी शुरुआत है जिसके तहत सीमित संख्या में सैनिक इराक़ से लौटेंगे. लेकिन इसके बावजूद इराक़ में बड़ी संख्या में अमरीकी सैनिक रहेंगे.