सोमवार, 01 सितंबर, 2008 को 10:04 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना ने सोमवार को अनबार प्रांत का नियंत्रण इराक़ के हाथों में सौंप दिया है. अनबार प्रांत एक समय सुन्नी विद्रोहियों का गढ़ माना जाता था.
यहाँ वर्ष 2006 में बदलाव का दौर शुरु हुआ जब विद्रोही अल क़ायदा के ख़िलाफ़ हो गए और अमरीका के साथ सहयोग करने लगे.
सुन्नी विद्रोहियों का कहना था कि अल क़ायदा विद्रोहियों पर हावी होने की कोशिश कर रहा है.
अमरीकी धनराशि की मदद से सुन्नी कबायली नेताओं ने जागृति परिषद बनाई थी और सुरक्षा का ज़िम्मा संभालने लगे.
इराक़ में जितने अमरीकी सैनिकों की मौत हुई है उनमें से एक चौथाई की मौत अनबार में ही हुई है. ये इराक़ का सबसे बड़ा प्रांत है.
अनबार का नियंत्रण मिलने के बाद इराक़ी सेना अब 18 में से 11 प्रांतों की सुरक्षा का ज़िम्मा संभालने लगेगी.
हस्तांतरण समारोह के लिए रमादी में सरकारी मुख्यालय पर कबायली झंडे फहराए गए. समारोह में अमरीकी, इराक़ी और कबायली अधिकारी शामिल हुए.
अहम पड़ाव
बग़दाद में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये हस्तांतरण इराक़ में अमरीका के लिए एक अहम पड़ाव है.
लेकिन संवाददाता का ये भी कहना है कि इस बात को लेकर अभी शंकाएँ हैं कि क्या जिन हथियारबंद सुन्नी विद्रोहियों ने अल क़ायदा के ख़िलाफ़ अमरीका का साथ दिया था, वो इराक़ी सरकार के साथ सहज तरीके से काम कर पाएँगे.
इराक़ में अमरीकी कमांडर मरीन मेजर जनरल जॉन केली ने एपी को बताया, "अनबार में अमरीकी सैनिकों की संख्या में कटौती होगी लेकिन तत्काल बड़ी कटौती नहीं होगी. ये धीरे-धीरे होगा."
अमरीका के मुताबिक अनबार में अभी 28 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं जबकि फ़रवरी में 37 हज़ार सैनिक थे.
जबकि रिपोर्टों के मुताबिक इराक़ी पुलिसकर्मियों और सैनिकों की संख्या तीन साल पहले के आँकड़े पाँच हज़ार से बढ़कर 37 हज़ार हो गई है.
अनबार के नए पुलिस प्रमुख माजिद अल असाफ़ी ने एएफ़पी को बताया, हम सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
पूर्व में अनबार में हस्तांतरण का काम कई बार स्थगित किया जा चुका है. इस मार्च में होना था जिसे टाल कर जून कर दिया गया. लेकिन अब सितबंर के महीने में जाकर ये पूरा हुआ है.
जून में अमरीकी अधिकारियों ने कहा था कि रेतीले तूफ़ान के कारण हस्तांतरण टालना पड़ा था जबकि जुलाई में कहा गया था कि अनबार के
गवर्नर और इराक़ी सरकार के बीच कुछ मतभेद थे.