गुरुवार, 21 अगस्त, 2008 को 01:55 GMT तक के समाचार
रूस का कहना है कि अमरीका पोलैंड में जो सुरक्षा मिसाइल प्रणाली स्थापित कर रहा है, उसका एकमात्र संभावित निशाना उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं.
रूस ने साफ़ साफ़ शब्दों में कह दिया है कि अगर पोलैंड में अमरीकी मिसाइलें तैनात की जाती हैं तो वो कूटनीति से आगे बढ़कर कार्रवाई करेगा.
हालाँकि रूस ने ये स्पष्ट नहीं किया कि वो क्या कार्रवाई कर सकता है.
रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमरीका और पोलैंड के बीच मिसाइल समझौते पर दस्तख़त होने से यूरोप और आसपास के इलाक़े में हथियारों की एक नई होड़ शुरू कर दी गई है.
रूस के इस बयान से स्पष्ट है कि वो पोलैंड जैसे अपने पूर्व सहयोगी देशों से कितना नाराज़ है क्योंकि वो अब अमरीका का साथ दे रहे हैं.
बदले समीकरण
अमरीका के साथ मिसाइल समझौते पर दस्तख़त होने के बाद पोलैंड के राष्ट्रपति लेख़ काश्ज़िन्स्की ने अमरीका को धन्यवाद दिया है.
पोलैंड के राष्ट्रपति लेख़ काश्ज़िन्स्की का कहना था,'' दोनों पक्षों ने मक़सद हासिल कर लिया है. ये पोलैंड के लिए बड़ी सफलता है. और ये दुनिया में अमरीका का ओहदा बढ़ाने की दिशा में एक और क़दम है. अमरीका अब और आने वाले एक लंबे अर्से तक दुनिया का सबसे ताक़तवर देश है. इसलिए 20 अगस्त, 2008 का दिन मेरे लिए सफलता और संतोष का दिन है.''
इसी हफ़्ते रूस ने पोलैंड और चेक रिपब्लिक को चेतावनी दी थी कि अगर वे अपने यहाँ अमरीकी मिसाइलें तैनात होने देते हैं तो वे ख़ुद को हमले का निशाना बना रहे हैं.
रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवदेव ने कहा है कि ये मिसाइल कार्यक्रम सीधे तौर पर रूस के ख़िलाफ़ है न कि ईरान के ख़िलाफ़ जैसा कि अमरीका दावा करता आ रहा है.
हाल ही में जॉर्जिया और रूस के बीच हुए युद्ध के बाद जिस तरह अमरीका ने खुलकर जॉर्जिया के पक्ष में बयान दिए उससे रूस और भी नाराज़ हो गया है.
राष्ट्रपति बुश ने फिर कहा है कि अमरीका प्रयत्न करेगा कि जॉर्जिया की क्षेत्रीय अक्षुण्णता बनी रहे और दक्षिणी ओसेतिया और अबख़ाज़िया जैसे राज्य उसके साथ रहें.
फिलहाल अमरीका चाहता है कि रूस जल्द से जल्द अपनी सेनाएँ जॉर्जिया से हटा ले.