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बुधवार, 20 अगस्त, 2008 को 07:26 GMT तक के समाचार

न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत सक्रिय

न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) की गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले बुधवार को भारत के प्रतिनिधि इस ग्रुप के महत्वपूर्ण देशों के प्रतिनिधियों से मिलेगें और भारत का पक्ष रखेंगे.

एनएसजी की दो दिवसीय औपचारिक बैठक गुरुवार को शुरु हो रही है जिसमें भारत और अमरीका के बीच हुए परमाणु समझौते पर भी चर्चा होनी है.

चूंकि भारत एनएसजी का सदस्य नहीं है इसलिए वो इस बैठक में हिस्सा नहीं ले सकता है. इसी कारण भारत सदस्य देशों के समक्ष इस बैठक से पहले अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रहा है.

कुछ रिपोर्टों के अनुसार भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन आज एनएसजी के तत्कालीन प्रमुख जर्मनी और पहले के प्रमुख दक्षिण अफ्रीका एवं हंगरी के प्रतिनिधियों से मिलेंगे.

एनएसजी में फिलहार 45 सदस्य देश हैं और भारत की कोशिश है कि वो सभी देशों के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट कर ले.

भारत की ओर से विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन एनएसजी के बैठक से पहने भारत का पक्ष रखेंगे.

इससे पहले अमरीका ने एनएसजी के सदस्य देशों के बीच एक मसौदा प्रस्ताव रखा था जिसमें एनएसजी और भारत के बीच परमाणु व्यापार को अनुमति देने की मांग की गई है. इस मसौदे पर एनएसजी के जो भी सवाल होंगे, भारतीय प्रतिनिधिमंडल उनका जवाब देगा.

अभी तक ये साफ नहीं हुआ कि एनएसजी के कौन से देश इस मसौदे का विरोध करेंगे और कौन से देश इसका समर्थन.

ये बैठक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के परिसर में हो रही है और आईएईए अधिकारियों का कहना है वो भारत और एनएसजी के बीच बैठक में मदद कर रहे हैं.

एनएसजी की बैठक से पहले अमरीका और भारतीय खेमे में उत्साह का माहौल है.