जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला अमरीका के नेतृत्त्व में इराक़ पर वर्ष 2003 में हुए हमले के बाद से इराक़ जाने वाले पहले अरब मूल के पहले राष्ट्राध्यक्ष बन गए हैं.
इराक़ी सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार वहाँ उनकी इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के साथ ही सरकार के अन्य प्रमुख सदस्यों से मुलाक़ात हुई है.
बयान के अनुसार, "दोनों नेताओं ने इराक़ में हुई प्रगति के बारे में चर्चा की और ख़ास तौर पर इराक़ी सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए सरकारी प्रयासों पर बात हुई."
शाह अब्दुल्ला की पिछले माह प्रस्तावित इराक़ यात्रा रद्द हो गई थी और कूटनीतिक सूत्रों ने कहा था कि यात्रा सुरक्षा कारणों से टाली गई है.
इस यात्रा से पहले शाह अब्दुल्ला के बग़दाद पहुँचने की सूचना सार्वजनिक नहीं की गई थी.
शिया सुन्नी विवाद
इससे पहले जॉर्डन ने ही वर्ष 2005 में अपने प्रधानमंत्री को इराक़ भेजा था.
प्रेक्षकों के अनुसार जॉर्डन की ही तरह सुन्नी मुसलमानों के प्रभाव वाले अधिकतर अरब देश इराक़ में शिया मुसलमानों की सत्ता में पैठ और वहाँ ईरानी दख़ल को लेकर चिन्तित रहे हैं.
जॉर्डन ने पिछले दिनों बग़दाद में अपना दूतावास भी फिर से खोलने की घोषणा की थी. पाँच साल पहले दूतावास पर हुई बमबारी के बाद जॉर्डन ने दूतावास बन्द किया था.
पिछले कुछ महीनों में संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन ने भी इराक़ में अपने दूतावास फिर से खोलने की घोषणा की है.