रविवार, 10 अगस्त, 2008 को 03:22 GMT तक के समाचार
जॉर्जिया का कहना है कि उसकी सेनाएँ दक्षिण ओसेतिया से पीछे हट गईं हैं, इसकी वजह से ही संघर्ष की शुरुआत हुई थी.
दूसरी ओर एक सैन्य प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि रूसी सेनाएँ दक्षिण ओसेतिया से जॉर्जिया में नहीं घुसीं हैं लेकिन उन्होंने कहा कि अभी संघर्ष जारी है.
जॉर्जिया का कहना है कि रूस ने उसकी सीमा के पास 10 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है और वे हमला करने की तैयारी कर रहे हैं.
दूसरी ओर जॉर्जिया के अधिकारियों का कहना है कि रूसी विमानों ने जॉर्जिया की राजधानी तबलीसी के निकट एक सैन्य हवाई अड्डे पर बमबारी की है.
जॉर्जिया के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एलेंक्ज़ेडर लोमाइया का कहना था कि हमले में हवाई पट्टी को निशाना बनाया गया.
दूसरी ओर रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन ने जॉर्जिया को दक्षिण ओसेतिया के लोगों के नरसंहार का दोषी ठहराया है.
पुतिन ने रूसी सैनिक कार्रवाई को न्यायोचित और आवश्यक बताया है.
उनका कहना है कि जॉर्जिया के दक्षिण ओसेतिया पर हमला करने के बाद ही रूस ने कार्रवाई की.
पुतिन का कहना था,'' जहां तक रूस का सवाल है हमारी कार्रवाई वैधानिक दृष्टि से पूरी तरह से सही है. यही नहीं वह ज़रूरी भी है.''
उनका कहना था,'' दक्षिण ओसेतिया को लेकर जो अंतरराष्ट्रीय समझौते हैं जिनमें 1999 का समझौता भी शामिल है, रूस न केवल शांतिरक्षक की भूमिका निभा रहा है बल्कि किसी भी पक्ष द्वारा युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने की स्थिति में वह दूसरे पक्ष की रक्षा करने को बाध्य है. और यही हमने किया है.''
युद्धकाल की घोषणा
पिछले तीन दिनों की लड़ाई के बाद जॉर्जिया की संसद ने युद्धकाल की घोषणा कर दी है.
जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिख़ाइल साक्शविली ने इराक़ से भी अपने दो हज़ार सैनिक वापस बुलाने के आदेश दे दिए हैं.
रूसी विमानों ने जॉर्जिया के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं जिनमें गोरी भी शामिल है जो दक्षिण ऑसेतिया से अधिक दूर नहीं है. इसमें बहुत से लोग हताहत हुए बताए जाते हैं.
रूस के अनुसार उसके 12 सैनिक मारे गए हैं और दो विमान नष्ट हो गए हैं. जबकि जॉर्जिया के अनुसार उसकी सेना ने रूसी कमांडो टुकड़ी के 70 लोगों को मार दिया गया है.
लेकिन इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का कहना है कि इस लड़ाई से डर के कोई 2400 लोग जॉर्जिया से भाग गए हैं और चार से पाँच हज़ार लोग रूस चले गए हैं.
राष्ट्रपति मिख़ाइल साक्शविली ने कहा है कि रूस आवासीय इलाक़ों और तेल पाइपलाइनों को निशाना बना रहा है.
उनका कहना था,'' सारी रात रूसी बमवर्षक तेल की पाइप लाइनों को निशाना बनाने की कोशिश करते रहे जो संघर्ष के क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं. इसका संघर्ष के क्षेत्र में लड़ाई रोकने से कोई संबंध नहीं है.''
उनका कहना था, '' रूस मेरे देश को नष्ट कर रहा है, मेरे लोकतंत्र को नष्ट कर रहा है. वह यूरोप जाने वाले ऊर्जा के रास्तों पर नियंत्रण करना चाहता है.''
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
जिस तेज़ी के साथ और अचानक यह लड़ाई शुरु हुई उससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय हतप्रभ है.
इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से युद्धविराम की मांग की है.
यूरोपीय सुरक्षा संगठन की शनिवार को पेरिस में एक बैठक हुई. संगठन के अध्यक्ष ऐलेक्ज़ेंडर स्टूब ने बीबीसी को बताया कि वे अगले सप्ताह जॉर्जिया के राष्ट्रपति और रूस के विदेश मंत्री से मिलेंगे.
उनका कहना था,'' हमारा अंतिम लक्ष्य तो शांति स्थापित करने में मदद करना है लेकिन सबसे पहले युद्धविराम कराने की ज़रूरत है. पहले वहां से सभी आम नागरिकों को निकालना है और फिर शांति वार्ताएं शुरु करनी हैं. लेकिन मेरे ख़्याल से इस सप्ताह ऐसा कुछ भी हासिल होना मुश्किल है.''
ऐलेक्ज़ेंडर स्टूब का कहना था,'' जब मैं जॉर्जिया के राष्ट्रपति और रूस के विदेश मंत्री से मिलूंगा तो युद्धविराम की संभावना पर बात करूंगा लेकिन इस समय स्थितियां अच्छी नज़र नहीं आ रहीं.''
इधर फ्रांस इस समय यूरोपीय संघ का अध्यक्ष है वह भी अपने विदेश मंत्री बरनार्ड काउचनर को भेज रहा है.
पश्चिमी देशों को विशेष आपत्ति यह है कि रूस ने दक्षिण ओसेतिया के बाहर जॉर्जिया में हमले किए हैं.
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है और कहा है कि जॉर्जिया एक स्वतंत्र देश है और उसकी क्षेत्रीय अक्षुणता का आदर किया जाना चाहिए.
यह कहा जा रहा है कि दोनों पक्षों को छह अगस्त से पहले की स्थिति पर पहुँच जाना चाहिए.
लेकिन हो सकता है रूस का इरादा कुछ और हो क्योंकि व्लादीमीर पुतिन ने कहा है कि दक्षिण ऑसेतिया के जॉर्जिया में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है.