रविवार, 10 अगस्त, 2008 को 15:25 GMT तक के समाचार
अधिकारियों के मुताबिक जॉर्जिया ने अपनी सेना को संघर्षविराम का आदेश दिया है और दक्षिण ओसेतिया को लेकर रूस से बातचीत की पेशकश भी की है.
इससे पहले जॉर्जिया ने कहा था कि उसके सैनिक इलाक़े से हट गए हैं और राजधानी त्सख़्निवाली पर रूसी सेना का क़ब्ज़ा है.
जॉर्जिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि रूसी विमानों ने देश की राजधानी तिब्लिसी के एक सैन्य हवाईअड्डे पर बमबारी की है.
गुरुवार रात को शुरू हुई लड़ाई के बाद हज़ारों नागरिक इलाक़ा छोड़ कर भाग गए हैं.
तीन दिन पहले जॉर्जिया ने दक्षिण ओसेतिया पर हमला किया था जिसके बाद रूसी ने हमला किया.
इस बीच रूसी राष्ट्रपति मेदवदेव ने आदेश दिया है कि दक्षिण ओसेतिया में जॉर्जिया की सेना ने जो कथित तौर पर ज़्यादतियाँ की हैं, उसके सुबूत इकट्ठा किए जाएँ.
उन्होंने लोगों को जलाए जाने, गला काटे जाने और लोगों को टैंक तले कुचले जाने की बात की है. उन्होंने कहा कि इस इलाक़े में जॉर्जिया ने जो किया है वो नरसंहार के समान है और इसकी आपराधिक जाँच होनी चाहिए.
अमरीका ने की आलोचना
पहले ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि काला सागर के पास जॉर्जिया की बंदरगाहों की नाकाबंदी करने के लिए रूसी युद्धपोतों को तैनात किया जा रहा है.
यूक्रेन ने चेतावनी दी थी कि वो रूसी युद्धपोत को काला सागर के पास बने अड्डे पर वापस नहीं आने देगा. यूक्रेन की एक बंदरगाह को यूक्रेन और रूसी नौसेना अड्डे के तौर पर इस्तेमाल करती हैं.
इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जेफ़री ने कहा है कि रूस के इस ख़तरनाक क़दम की अमरीका आलोचना करता है.
बीजिंग ओलंपिक में राष्ट्रपति बुश के साथ दौरा कर रहे जेम्स जेफ़री ने कहा कि अगर रूस का अभियान जारी रहा तो इससे रूस-अमरीका संबंधों पर दूरगामी असर पड़ेगा.
इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा था कि इस बात के आसार कम ही हैं कि दक्षिण ओसेतिया जॉर्जिया के साथ दोबारा मिल जाए.