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शनिवार, 09 अगस्त, 2008 को 05:43 GMT तक के समाचार

रूस-जॉर्जिया की सेनाओं के बीच भीषण लड़ाई

पूर्वी यूरोप में जॉर्जिया और रूस की सेनाओं के बीच दूसरे दिन भीषण लड़ाई जारी है. ये लड़ाई जॉर्जिया के दक्षिण ओसेतिया में चल रही है जहाँ 1992 में जॉर्जिया की सेनाओं की वापसी के बाद के पृथकतावादियों का नियंत्रण है.

जॉर्जिया ने वहाँ पृथकतावादियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई शुरू की थी. जॉर्जिया अमरीका का सहयोगी देश है.

लेकिन पृथकतावादियों को रूस का समर्थन हासिल है. जॉर्जिया ने आरोप लगाया है कि रूस ने जॉर्जिया के तीन सैन्य अड्डों और ब्लैक सी के पोटी शहर पर बमबारी की है.

सुरक्षा परिषद में सहमति नहीं

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने बीजिंग में ओलंपिक उदघाटन समारोह के दौरान रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन से दक्षिण ओसेतिया के संकट पर बातचीत की है.

अमरीका ने कहा है कि वह जॉर्जिया की अखंडता की रक्षा करेगा और उस क्षेत्र में एक दूत भेजेगा.

उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संघर्षविराम के प्रस्ताव के मसौदे पर सहमति नहीं बन पाई है.

रूस सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और उसे सुरक्षा परिषद के किसी भी आधिकारिक बयान पर वीटो का अधिकार हासिल है.

तीन अन्य स्थायी सदस्यों - ब्रिटेन, अमरीका और फ़्रांस ने इस ओर ध्यान आकर्षित किया है कि रूस की उग्र कार्रवाई के कारण स्थिति जंग की कगार तक
पहुँची है.

जॉर्जिया और रूस की कार्रवाई

कई दिनों तक रूस के समर्थन वाले अलगाववादियों और जॉर्जिया के सैनिकों के बीच भीषण गोलीबारी के बाद गुरुवार को जॉर्जिया की सेनाओं ने अपनी सैन्य कार्रवाई तेज़ कर दी.

इसके जवाब में रूस ने टैंक और बख़्तरबंद गाड़ियाँ सीमा के पार भेज दीं. सैंकड़ों रूसी सैनिक भी लड़ाई के मैदान में उतर आए.

जॉर्जिया ने कहा है कि रूस ने दक्षिण ओसेतिया के बाहर भी जॉर्जिया में हवाई हमला किया है और 'ये पूरा सैन्य हमला है.'

जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साक्शविली ने तो यहाँ तक कहा है कि रूस जॉर्जिया के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहा है.

उन्होंने घोषणा की कि वे इराक़ से अपने आधे सैनिक यानी एक हज़ार सैनिक वापस बुला रहा है. उनका ये भी कहना था कि जॉर्जिया के तीस लोग दो दिन की लड़ाई में मारे गए हैं.

रूस ने कहा है कि इस लड़ाई में उसके 12 सैनिक मारे गए हैं.

जॉर्जिया ने आशंका जताई है कि उसकी राजधानी त्बिलिसी पर रूसी सेना हमला कर सकती है, इसलिए कई सरकारी दफ़्तरों को खाली करवा लिया गया है.

उधर रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि उन्होंने दक्षिण ओसेतिया के आम नागरिकों की रक्षा करने के लिए सैन्य कार्रवाई की है. इनमें से अनेक लोगों को रूसी नागरिकता दी गई है.