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शुक्रवार, 08 अगस्त, 2008 को 11:46 GMT तक के समाचार

रूस ने दक्षिण ओसेतिया में टैंक उतारे

जॉर्जिया ने आरोप लगाया है कि पृथकतावादियों के नियंत्रण वाले उसके दक्षिण ओसेतिया प्रांत में रूस ने अपने टैंक उतार दिए हैं. इससे पहले जॉर्जिया ने वहाँ पृथकतावादियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई शुरू की थी.

उल्लेखनीय है दक्षिण ओसेतिया के पृथकतावादियों को रूस का समर्थन प्राप्त है. अपने इस प्रांत पर पिछले कई वर्षों से जॉर्जिया का नियंत्रण नहीं है.

जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साक्शविली ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में रूसी सैनिक क़रीब 150 टैंकों और अन्य बख़्तरबंद गाड़ियों के साथ दक्षिण ओसेतिया में प्रवेश कर गए हैं.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, लेकिन रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि रूस दक्षिण ओसेतिया में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर क़दम उठाएगा.

इससे पहले जॉर्जियाई सैनिकों ने शुक्रवार सुबह दक्षिण ओसेतिया की राजधानी त्सकिनवाली को घेर लिया.

रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि त्सकिनवाली पर जॉर्जियाई गोलाबारी में कम-से-कम 10 रूसी शांति सैनिकों की मौत हुई है. इस हमले में 15 आम नागरिक भी मारे गए बताए जाते हैं.

आरोप-प्रत्यारोप

दक्षिण ओसेतिया में दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम भंग करने का आरोप लगा रहे हैं.

उधर जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साक्शविली ने आरक्षित सैनिकों को सेवा पर आने को कहा है. हमले के कुछ देर बाद आम नागरिकों को सुरक्षित निकलने देने के लिए जॉर्जिया ने तीन घंटे के लिए एकतरफ़ा संघर्षविराम भी घोषित किया.

जॉर्जिया का कहना है कि जॉर्जियाई क्षेत्रों पर पृथकतावादियों के हमले बढ़ गए थे, और ताज़ा हमला दक्षिण ओसेतिया में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है.

ग़ौरतलब है कि जॉर्जिया रूस पर पृथकतावादियों को हथियार और अन्य सहायता देने का आरोप लगाता रहा है. रूस ने हमेशा ही ऐसे आरोपों का खंडन किया है.

संयम बरतने की अपील

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने बीजिंग में ओलंपिक उदघाटन समारोह के दौरान रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन से दक्षिण ओसेतिया के संकट पर बात की है.

अमरीका ने कहा है कि वह जॉर्जिया की अखंडता की रक्षा करेगा. अमरीकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में एक दूत भेजने की भी घोषणा की है.

नैटो सैन्य संगठन ने दक्षिण ओसेतिया में संघर्ष शुरू होने पर चिंता व्यक्त की है. जबकि यूरोपीय सुरक्षा संगठन ओएससीई ने चेतावनी दी है कि सभी संबद्ध पक्षों ने संयम नहीं बरता तो क्षेत्र में युद्ध छिड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.