रविवार, 13 जुलाई, 2008 को 06:34 GMT तक के समाचार
ईसाइयों के धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट अपना सबसे लंबा विदेश दौरा शुरू किया है जिसके तहत वो ऑस्ट्रेलिया पहुँचे हैं.
उन्होंने कहा कि वो चर्च में यौन शोषण के लिए माफ़ी माँगेंगे.
बारह हज़ार मील का सफ़र विमान से तय करने के बाद वो ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में रोम कैथोलिक युवाओं के एक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
लेकिन पोप बेनेडिक्ट का यह दौरा समलैंगिकता और जन्म पर नियंत्रण के मामलों को लेकर विवादों में भी घिर गया है.
पोप बेनेडिक्ट के इस दौरे के लिए पिछले सप्ताह में दुनिया भर से हज़ारों युवा कैथोलिक ईसाई श्रद्धालु सिडनी का रुख़ कर रहे हैं.
पोप अपने दस दिन के इस दौरे के दौरान अनेक लोगों से मिलेंगे और ऐसी संभावना है कि वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के लोगों से उनके साथ कैथोलिक मिशनरियों के हाथों हुए अन्याय के लिए माफ़ी माँगेंगे.
उनसे पहले पोप जॉन पॉल भी माफ़ी माँग चुके हैं.
श्रद्धालुओं का जमावड़ा
सिडनी पहुँचने वालों में अमरीका और जर्मनी से आए ईसाई श्रद्धालुओं का एक ग्रुप भी था.
इनमें से एक युवा ईसाई का कहना था,'' मेरा ख़याल है कि ख़ुद की ही तरह किसी एक मक़सद के लिए समर्पित तीन चार हज़ार लोगों को एक ही स्थान पर एकत्र देखना अपने आप में अदभुत अनुभव है. मैं उस क्षण को देखने के लिए बेहद उत्साहित हूँ.''
लेकिन पोप बेनेडिक्ट की यह यात्रा ने पहले की कुछ विवाद खड़ा कर दिया है.
ख़ासतौर से समलैंगिकता और जन्म नियंत्रण के मुद्दों पर चर्च के रुख़ का अनेक लोग विरोध भी कर रहे हैं.
इस विरोध को देखते हुए न्यू साउथ वेल्स राज्य के अधिकारियों ने पोप बेनेडिक्ट की यात्रा के दौरान सख़्त उपाय किए हैं और कोई भी गड़बड़ी करने वालों या ईसाई श्रद्धालुओं को नाराज़ करने वाली कोई भी गतिविधि चलाने पर साढ़े पाँच हज़ार डॉलर तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ये उपाय बड़े पैमाने पर भेदभावपूर्ण हैं.
अगर पुलिस की नज़र में किसी प्रदर्शनकारी को टीशर्ट या कंडोम बाँटते हुए पाया गया तो पुलिस को उन पर कार्रवाई करने का अधिकार होगा और पुलिस साढ़े पाँच हज़ार डॉलर तक का जुर्माना भी कर सकती है.
81 वर्षीय पोप बेनेडिक्ट रोम से हवाई जहाज़ में क़रीब 20 घंटे का सफ़र तय करने के बाद एक कैथोलिक अध्ययन केंद्र में तीन दिन तक आराम करेंगे और उसके बाद सिडनी में हज़ारों श्रद्धालुओं को अपने दर्शन देंगे.
इस यात्रा के दौरान पोप कैथोलिक धर्मगुरुओं के यौन शोषण के लिए माफ़ी मांगेंगे जैसाकि उन्होंने हाल की अपनी अमरीका यात्रा के दौरान किया था.