गुरुवार, 10 जुलाई, 2008 को 06:20 GMT तक के समाचार
ईरान ने इसराइल तक मार करने में सक्षम मिसाइल के परीक्षण के बाद आज कई औऱ मिसाइलों के परीक्षण की घोषणा की है जिस पर अमरीका ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
ईरान के कल किए गए परीक्षण के बाद अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि वो अमरीका और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ ईरान के हमलों से निपटेगा.
अमरीका के इस बयान से कुछ ही देर पहले आज ईरान ने और परीक्षणों की घोषणा की. ईरान की सरकारी मीडिया ने ख़बर दी है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मध्यम और लंबी दूरी की कई और मिसाइलों का परीक्षण किया है.
तेहरान में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ईरान के ये ताज़ा परीक्षण तीखे तेवरों का प्रतीक है क्योंकि कल के परीक्षणों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई है.
फ्रांसीसी कंपनी हटी
इससे पहले फ्रांस की बड़ी पेट्रोलियम कंपनी टोटल ने ईरान की गैस परियोजना से अपने हाथ खींच लिए हैं. कंपनी का कहना है कि वहाँ काम करने में ख़तरा बहुत है.
इस कंपनी को ईरान के दक्षिणी हिस्से में तेल क्षेत्र विकसित करना था लेकिन कंपनी के प्रमुख क्रिस्टोफ़े दा मार्जरी ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स से कहा है कि वे इस परियोजना पर आगे काम नहीं करेंगे.
टोटल की यह घोषणा ईरान के मिसाइल परीक्षणों के एक दिन बाद आई है.
विश्लेषकों का कहना है कि टोटल के इस क़दम से ईरान के पेट्रोलियम उद्योग को बड़ा झटका लगेगा.
मार्जरी ने अख़बार से कहा, "यदि आज हम ईरान में निवेश करते हैं तो यह एक बड़ा राजनीतिक ख़तरा उठाना होगा और लोग कहेंगे कि टोटल पैसे के लिए कुछ भी कर सकती है."
परीक्षण और निंदा
उल्लेखनीय है कि बुधवार को ईरान ने नौ मिसाइल परीक्षण किए थे.
इसमें लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल शहाब-3 का परीक्षण शामिल था. इस मिसाइल के बारे में ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा था कि यह इसराइली शहर तेल अवीव तक मार कर सकता है.
ईरान ने पहले भी मिसाइल परीक्षण किए हैं लेकिन ताज़ा परीक्षण उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर अमरीका और इसराइल के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच हुआ है.
इन मिसाइल परीक्षणों का अमरीका और इसराइल ने कड़ी निंदा की है.
अमरीका में डेमोक्रैटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा ने ईरान को बड़ा ख़तरा बताया है तो दूसरी ओर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने कहा है कि ताज़ा परीक्षण से मिसाइल रोधी प्रणाली की उपयोगिता साबित होती है.
फ़्रांस, जर्मनी और इटली ने भी मिसाइल परीक्षण पर चिंता जताई है.
माना जा रहा है कि यह मिसाइल परीक्षण हाल ही में इसराइल के सैन्य अभ्यास के जवाब में ईरान का जवाब है.
इस सैन्य परीक्षण के बारे में कहा जा रहा था कि यह ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमला करने की तैयारी है.
ईरान के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला ख़ामनेई के एक सहयोगी ने कहा है कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर हमला हुआ तो उनका देश इसराइल और अमरीकी नौसेना पर खाड़ी में हमला करेगा.
इसके बाद अमरीका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी आपत्तियों की कड़ी में ताज़ा दबाव बनाते हुए ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की थी.