रॉबर्ट मुगाबे के प्रवक्ता ने कहा है कि ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति ने वहाँ कीनिया की तर्ज पर गठबंधन सरकार बनाने के विचार को ठुकरा दिया है.
प्रवक्ता जॉर्ज चिरंबा ने कहा है कि जो प्रक्रिया कीनिया के लिए ठीक है वो ज़िम्बाब्वे के लिए सही नहीं होगी. उन्होंने कहा कि अफ़्रीकी नेता बेचे और ख़रीदे जा सकते हैं.
जॉर्ज चिरंबा ने दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति की मध्यस्तता का समर्थन किया और अलग से एक अफ़्रीकी संघ दूत नियुक्त करने का विरोध किया.
प्रवक्त ने पश्चिमी देशों की ओलचना करते हुए कहा, पश्चिम के पास बात करने का कोई आधार नहीं है. वे हज़ार बार जाकर फाँसी लगाएँ.
इस बीच मिस्र में अफ़्रीकी संघ के नेताओं की बैठक जारी है.
सियरा लोन के राष्ट्रपति ने ज़िम्बाब्वे में चुनाव की निंदा की है लेकिन बाकी नेताओं ने कहा है कि मुगाबे को बतौर राष्ट्रपति स्वीकार किया जाना चाहिए.
जबकि कीनिया के प्रधानमंत्री राइला ओडिंगा ने नैरोबी में अफ़्रीका संघ से अपील की है कि जब तक ज़िम्बाब्वे में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं होते, राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को संघ से निलंबित कर दिया जाए.
चांगिरई ने दूतावास छोड़ा
उधर ज़िम्बाब्वे में विपक्ष के नेता मॉर्गन चांगिरई हरारे में डच दूतावास से बाहर आ गए हैं.
राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में हिस्सा ने लेने के फ़ैसले के बाद चांगिरई ने डच दूतावास में शरण ली थी.
डच विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अब चांगिरई को लगता है कि स्थिति ऐसी है कि वो घर लौट सकते हैं.
मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज पार्टी का मानना है कि चांगिरई ने मार्च में ही राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया था लेकिन सरकारी अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने इतने मत हासिल नहीं किए थे कि दूसरे चरण का मतदान न करवाना पड़े.