मंगलवार, 01 जुलाई, 2008 को 06:37 GMT तक के समाचार
समाचार एजेंसियों के अनुसार चीन के अधिकारी और तिब्ब्त के बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा मंगलवार को दूसरे दौर की बातचीत कर सकते हैं. हालांकि अभी ये साफ़ नहीं हो पाया है कि ये मुलाक़ात कहाँ होगी और बातचीत के मुद्दे क्या होंगे?
इसी साल मार्च में तिब्बत की राजधानी ल्हासा में भड़की हिंसा और लगातार पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पहली बार चीन के अधिकारियों ने दलाई लामा से दक्षिणी शहर शेनज़ेन में मुलाक़ात की थी.
कुछ ही हफ़्तों में बीजिंग ओलंपिक की शुरुआत होनी है ऐसे में एक बार फिर चीन पर तिब्बती नेता से बातचीत का दबाव बढ़ गया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार दो दिनों तक चलने वाली ये बातचीत बीजिंग में हो सकती है लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय और कैबिनेट के प्रवक्ता ने बातचीत की तारीख़ और जगह के बारे में बताने से साफ़ इनकार कर दिया.
1959 में तिब्बत से निकाले जाने के बाद दलाई लामा भारत में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं.
दलाई लामा की कोशिशें
दलाई लामा तिब्बत को हिमालय का एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाना चाहते हैं. जबकि चीन दलाई लामा को एक अलगाववादी मानता है.
मंगलवार को होने वाली ये मुलाक़ात 2002 के बाद से छठी मुलाक़ात है. दलाई लामा पिछले कई दिनों से इस बातचीत के लिए कोशिश कर रहे थे.
इसी साल मई में दलाई लामा ने ब्रितानिया के अपने दौरे के समय कहा था कि अगर चीनी अधिकारियों से बातचीत कामयाब रहती है तो वो 24 अगस्त से शुरू हो रहे बीजिंग ओलंपिक के उदघाटन समारोह में शामिल होना चाहते हैं.
हालांकि उन्होंने इस मामले पर ज़्यादा बात नहीं की थी.
पिछले महीने चार जून को दलाई लामा ने चीन के शिचुआन प्रांत में आए भूकंप में मारे गए लोगों के लिए धर्मशाला में प्रार्थना सभा भी आयोजित की थी.
इसके अलावा दलाई लामा के समर्थकों के एक दल ने लंदन के चीनी दूतावास में जाकर अपनी तरफ़ से भूकंप में मारे गए लोगों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की थी.
दलाई लामा ने तिब्बत की आज़ादी का समर्थन कर रहे लोगों से मांग भी की थी कि वो किसी भी देश में चीन के दूतावास पर प्रदर्शन बंद कर दें.
दलाई लामा की इस घोषणा के बाद चीन ने कई तिब्बती समर्थकों को रिहा कर दिया था जिन्हें मार्च में हिंसा के लिए ज़िम्मेदार मानते हुए हिरासत में लिया गया था.