सोमवार, 30 जून, 2008 को 22:25 GMT तक के समाचार
डिंब दान के लिए लंदन की बसों पर विज्ञापन छपवाने वाली 55 साल की एक महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है.
कैंट के मेडस्टोन कस्बे की लिंडा वीक्स और उनके पति रिचर्ड अब नन्हीं केटी के अभिभावक हैं. पिछले 14 साल से उन्हें संतान नहीं हो रही थी.
इस दंपत्ति ने क़रीब डेढ़ लाख रुपए खर्च कर एक विज्ञापन दिया था और इसके बाद ही उन्हें एक ऐसी महिला मिली जो गर्भधारण करने में उनकी मदद करने के लिए तैयार हो गई.
लिंडा के लिए यह अंतिम मौक़ा था क्योंकि 55 की उम्र के बाद किसी महिला की प्रजनन क्षमता का इलाज नहीं होता.
अंतिम उम्मीद
शादी की 14वीं सालगिरह यानी 19 मार्च, 2007 को लंदन की बसों पर 50 विज्ञापन लगाए गए जिनमें उनकी शादी की फ़ोटो भी थी.
इस विज्ञापन में कहा गया था, " हम मम्मी और डैडी कभी नहीं बन सकते जब तक कि हमें 36 साल या इससे कम उम्र की कोई महिला अपने कुछ डिंब दान करके मदद न करे.''
विज्ञापन में कहा गया था, '' सिर्फ़ आप ही हमारी खुशी की अंतिम उम्मीद हैं."
लंदन के परिवहन विभाग का कहना है कि इसके पहले तक बसों पर विज्ञापनों का इस्तेमाल शादी के प्रस्तावों और सालगिरह की बधाइयों के लिए ही प्रयोग किया गया था, लेकिन ऐसे किसी उद्देश्य के लिए पहली बार इसका प्रयोग किया गया है.