सोमवार, 30 जून, 2008 को 10:40 GMT तक के समाचार
हरारे में अफ़्रीकी संघ के कुछ पर्यवेक्षकों ने ज़िम्बाब्वे में रॉबर्ट मुगाबे के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने को अलोकतांत्रिक घोषित कर दिया है.
एक बयान में इन पर्यवेक्षकों ने कहा है कि लोकतांत्रिक चुनाव की कसौटी पर ज़िम्बाब्वे में हुआ मतदान खरा नहीं उतरता.
उधर अफ़्रीकी संघ के नेताओं का एक सम्मेलन मिस्र में शुरु हो गया है. इस सम्मेलन में ज़िम्बांब्वे में संकट का मुद्दा छाए रहने की संभावना है.
रविवार को 84 वर्षीय रॉबर्ट मुगाबे ने एक बार फिर ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी. हालांकि पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनाव पूर्व हिंसा की वजह से इस चुनाव की विश्वसीयनता संदेह से परे नहीं है.
अफ़्रीकी संघ से मुगाबे को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं देने की अपील की गई है.
उम्मीद की जा रही है कि अफ़्रीकी संघ के नेता मुगाबे से विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत करने की अपील करें.
दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव के बाद मुगाबे को विजयी घोषित किया गया. हालाँकि विपक्ष के नेता मार्गन चांगिरई ने दूसरे दौर के चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था.
मुगाबे की जीत
अफ़्रीकी संघ के एक नियम के मुताबिक जो नेता लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चुने गए हैं उन्हें मान्यता नहीं दिया जाता है. लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि इतनी ज़ल्दी मुगाबे के ख़िलाफ़ इस तरह के कठोर क़दम उठाना मुश्किल ही लगता है.
तंज़ानिया के विदेश मंत्री बर्नाड मेम्बे ने यह पूछे जाने पर कि क्या वे मुगाबे को एक राष्ट्रपति के रूप में संबोधित करेंगे, उन्होंने कहा, "इस सम्मेलन का उद्देश्य यह तय करना नहीं है कि नेताओं को कैसे संबोधित किया जाएँ. अफ़्रीका में व्याप्त दुख और गरीबी को कैसे कम किया जाए, इस बारे में सम्मेलन क्या निर्णय लिया जाता है यह हमें देखना है."
संभव है कि अफ़्रीकी नेता राष्ट्रपति मुगाबे से विपक्ष के नेता मार्गन चांगिरई के साथ बातचीत करने और सत्ता में साझेदारी के लिए अपील करें.
मार्गन चांगिरई पहले दौर के राष्ट्रपति चुनाव में विजयी हुए थे लेकिन उन्हें उतने वोट नहीं मिले थे कि वे राष्ट्रपति बन सके.
चुनाव अधिकारियों ने नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि मुगाबे ने सभी 10 प्रांतों में भारी जीत हासिल की है.