रविवार, 29 जून, 2008 को 15:34 GMT तक के समाचार
रॉबर्ट मुगाबे ने एक बार फिर ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है. दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव के बाद उन्हें विजयी घोषित किया गया.
हालाँकि विपक्ष के नेता मार्गन चांगिरई ने दूसरे दौर के चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था. चुनाव अधिकारियों ने नतीजो की घोषणा करते हुए बताया है कि मुगाबे ने सभी 10 प्रांतों में भारी जीत हासिल की है.
अधिकारियों के मुताबिक़ दूसरे दौर में भी पहले दौर की तरह 42 फ़ीसदी मतदान हुआ.
मार्गन चांगिरई पहले दौर के राष्ट्रपति चुनाव में विजयी हुए थे लेकिन उन्हें उतने वोट नहीं मिले थे कि वे राष्ट्रपति बन सके.
उन्होंने हिंसा और चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दूसरे दौर से हटने का फ़ैसला किया था.
रॉबर्ट मुगाबे के शपथ ग्रहण समारोह में उन्हें बुलाया गया था लेकिन उन्होंने इसे बेमतलब बताते हुए जाने से इनकार कर दिया. चांगिरई ने कहा, "एक पार्टी कैसे इस समारोह में जा सकती है जबकि उसने इसका बहिष्कार किया था."
विवाद
चांगिरई ने दूसरे दौर के चुनाव से अपना नाम तो वापस ले लिया था लेकिन चुनावी अधिकारियों ने मतपत्रों से उनका नाम नहीं हटाया था और कहा था कि वे चांगिरई का फ़ैसला नहीं स्वीकार करेंगे.
राष्ट्रपति चुने जाने के बाद रॉबर्ट मुगाबे ने कहा है कि वे देश के भविष्य के बारे में विपक्ष से बातचीत करने को तैयार हैं. मुगाबे पिछले 28 वर्षों से राष्ट्रपति हैं.
बीबीसी के दक्षिण अफ़्रीका संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण का मतलब ये है कि मुगाबे सोमवार से शुरू हो रहे अफ़्रीकी संघ के सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं.
हालाँकि यह भी माना जा रहा है कि कई अफ़्रीकी देशों के प्रमुख मुगाबे की इस चुनावी जीत को मान्यता नहीं देंगे.
एक अफ़्रीकी संसदीय पर्यवेक्षक मिशन के प्रमुख मार्विक खुमालो ने कहा है कि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहे हैं. साथ ही भय के माहौल में मतदान कराए गए हैं.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि मुगाबे के फिर राष्ट्रपति चुने जाने के बारे में दक्षिण अफ़्रीका की प्रतिक्रिया पर भी नज़र है.