सोमवार, 23 जून, 2008 को 13:53 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने कहा है कि अभी ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम नहीं बेचेगा क्योंकि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं.
प्रणब मुखर्जी ने कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री से मुलाकात की. बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि परमाणु असप्रसार के प्रति भारत की वचनबद्धता किसी से कम नहीं है.
ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम खरीदने के बारे में प्रणब मुखर्जी का कहना था, "भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर अभी राजनीतिक बातचीत चल रही है, इसलिए यूरेनियम ख़रीद पर बात करना जल्दबाज़ी होगी. मैं यहाँ केवल यूरेनियम मसले पर बात करने नहीं आया हूँ. ऑस्ट्रेलिया परमाणु अप्रसार के प्रति वचनबद्ध है और हम इस बात का सम्मान करते हैं."
उधर ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफ़न स्मिथ ने भी यूरेनियम मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया. स्टीफ़न स्मिथ ने कहा," ऑस्ट्रेलिया की लेबर पार्टी की इस मसले पर राय सबको पता है. हम उन देशों को यूरेनियम निर्यात नहीं करते जिसने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न किया हो."
लेकिन यूरेनिमय निर्यात पर मतभेदों के बावजूद दोनों मंत्रियों ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेहतर संबंधों के लिए प्रयास जारी रहेंगे.
दोनों देशों के बीच प्रत्यपर्ण संधि पर भी हस्ताक्षर हुए हैं.
यूरेनियम का निर्यात
पिछले साल अगस्त में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम बेचने पर विचार विमर्श शुरू किया था.
इसे ऑस्ट्रेलिया की नीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा था क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की नीति है कि जिन देशों को वो यूरेनियम बेचेगा उन्होंने पहले से परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए हों और साथ ही यूरेनियम का इस्तेमाल सैन्य मकसद के लिए न किया जाए.
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड का मानना है कि यूरेनियम के निर्यात से ऑस्ट्रेलिया अपनी कमाई बढ़ा सकता है और साथ ही भारत ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम कर सकता है.
लेकिन ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान प्रधानमंत्री केविन रड ने चुनाव जीतने के बाद कहा था कि भारत को यूरेनियम नहीं बेचा जाएगा.