शनिवार, 21 जून, 2008 को 16:04 GMT तक के समाचार
ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने आने वाले चुनावों को शक में डालने के लिए विपक्ष पर राजनीतिक हिंसा के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया है.
विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा होने वाले चुनाव की तैयारियों में जुटे उसके कम से कम 70 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है और कई को पीटा गया है.
मुगाबे ने कथित रूप से यह भी कहा कि विपक्षी मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज (एमडीसी) को देश चलाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और उनके पद से 'सिर्फ़ ईश्वर' ही उन्हें हटा सकता है.
विपक्षी नेता मॉर्गन चेंगरई के नेतृत्व वाली एमडीसी सोमवार को इस बात का फ़ैसला करने वाली है कि वह 27 जून को राष्ट्रपति पद के चुनाव में दूसरे चरण में हिस्सा लेगी या नहीं.
राष्ट्रपति पद के लिए मार्च महीने में हुए चुनाव के नतीजे काफ़ी देरी से मई में घोषित किए गए थे.
उसमें आधिकारिक रूप से चेंगरई को 47.9 फ़ीसदी और मुगाबे को 43.2 फ़ीसदी मत मिले थे और इसी कारण से राष्ट्रपति चुनाव के विजेता का फ़ैसला करने के लिए दोबारा चुनाव कराए जा रहे हैं.
'ईश्वर हटाएगा और कोई नहीं....'
जोहनसबर्ग से बीबीसी संवाददाता पीटर बाइल्स का कहना है कि मुगाबे ने एक बार फिर संकेत दिए हैं कि वे चुनाव नतीजों के आधार पर सत्ता नहीं छोड़ेंगे.
देश के दक्षिणी हिस्से बुलावायो में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा, "हम कभी चुनाव जैसी किसी घटना को देश की संप्रभुता और आज़ादी को पलटने की इजाज़त नहीं देंगे. मुझे ईश्वर ने पद पर बिठाया है और मुझे एमडीसी या ब्रिटिश नहीं बल्कि ईश्वर ही हटाएगा."
मुगाबे ने एमडीसी पर ब्रिटेन और दूसरे पश्चिमी देशों के हित में काम करने का आरोप दोहराया.
बाद में सरकारी अख़बार 'हेराल्ड' अख़बार ने मुगाबे के हवाले से लिखा कि एमडीसी के नेता कथित तौर पर राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों की सूची बना रहे हैं.
अखबार ने मुगाबे के हवाले से लिखा, "वे ऐसा इसलिए कह रहे हैं ताकि बाद में यह कह सकें कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थे. यह सरासर झूठ है."
चुनाव पूर्व बढ़ती हिंसा को लेकर चेंगरई पर दूसरे दौर के चुनावों से हट जाने के दबाव बढ़ गया है और सबकी नज़र सोमवार को होने वाली एमडीसी की बैठक पर टिकी है.