शुक्रवार, 20 जून, 2008 को 21:20 GMT तक के समाचार
अमरीकी अधिकारीयों ने न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार को बताया है कि इसराइल ने व्यापक युद्धाभ्यास किया है जिसका मकसद ईरान के परमाणु सयंत्रों पर हमले की तैयार का अभ्यास करना हो सकता है.
अमरीकी अधिकारीयों ने बताया कि इसराइल के सौ से ज़्यादा लड़ाकू हवाई जहाज़ों ने पूर्वी भूमध्यसागर और ग्रीस के ऊपर हुए इस अभ्यास में भाग लिया. ये युद्धाभ्यास जून के पहले सप्ताह में किया गया है.
ईरान हमेशा से ये कहता रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम का मकसद शांतिपूर्ण है. इसराइल इस कार्यक्रम को गंभीर खतरे के रूप में देखता है.
यूरेनियम संवर्धन को बंद कर देने कि मांग को ईरान लगातार ठुकराता रहा है.
संयुक्त राष्ट्र संघ ने इन्हीं कारणों से ईरान पर मार्च 2008 में तीसरे दौर के प्रतिबंधो को मंजू़री दी है.
संकेत
अमरीकी अधिकारीयों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि इसराइल इस युद्धाभ्यास के ज़रिए ईरान के प्रति अपनी चिंता की गंभीरता को दर्शाना चाहता है.
इसराइल ये भी साफ़ करना चाहता है कि वो ईरान पर अकेले कार्रवाई करने को तैयार है.
अखबार से पेंटागन के अधिकारी ने कहा है, "वो हमें, ईरान और यूरोपीय देशों को बताना चाहते थे".
अख़बार ने ये भी लिखा है कि इस अभ्यास में इसराइल के हेलिकॉप्टरों ने भी भाग लिया. इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल क्षतिग्रस्त हवाई जहाज़ों के पायलटों को बचा कर निकलने में किया जा सकता है.
अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टरों और हवा में ही लड़ाकू जहाज़ों में तेल भरने वाले जहाज़ों ने करीब 1400 किलोमीटर की उड़ान भरी. ये दूरी लगभग इस्राइल और इरान के नातांज़ में बने परमाणु संयंत्र के बीच की दूरी के बराबर है.
न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार इसराइल ने इस बारे में बात करने से इंकार कर दिया है.
चेतावनी
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट ने चार जून ने आगाह किया था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए शक्तिशाली प्रयासों की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा था कि इरान कि ये बताना ही होगा की अगर उसने परमाणु हथियार हासिल कर लिए तो परिणाम विध्वंसकारी होंगे.
इसराइल के उप प्रधानमंत्री शाउल मोफाज़ ने ओलमर्ट से पहले कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के सैन्य र्रवाई "अनिवार्य" लगती है.
वर्ष 1981 इसराइल के जंगी जहाज़ों ने बग़दाद के पास इराक़ के एक परमाणु संयंत्र को ध्वस्त कर दिया था.