सोमवार, 16 जून, 2008 को 13:08 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि उनका देश अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने जा रहा है.
अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सैनिकों की संख्या बढ़ाकर आठ हज़ार की जा रही है, इनमें से ज्यादातर सैनिक हेलमंद प्रांत में तैनात होंगे.
ब्रिटेन की यात्रा पर आए अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ एक साझा संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्राउन ने कहा कि तालेबान पर दबाव बनाए रखना ज़रूरी है इसलिए यह क़दम उठाया जा रहा है.
अफ़ग़ानिस्तान में अब तक 102 ब्रितानी सैनिक मारे जा चुके हैं. गॉर्डन ब्राउन ने अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वहाँ सैनिकों को नए सिरे से व्यवस्थित करने की ज़रूरत है जिसके लिए उनकी तादाद बढ़ानी होगी.
ब्राउन ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की समस्या को नज़रअंदाज करना ब्रिटेन के हित में नहीं होगा.
माना जा रहा है कि अगले कुछ सप्ताह में अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान के लिए रवाना कर दिया जाएगा.
ब्रिटेन इराक़ से अपने सैनिकों को वापस लाने की योजना बना रहा है लेकिन ब्राउन ने कहा कि दोनों देशों की स्थितियाँ अलग-अलग हैं इसलिए उनकी तुलना नहीं की जानी चाहिए.
प्रधानमंत्री ब्राउन और राष्ट्रपति बुश दोनों ने, अमरीका और ब्रिटेन की परंपरागत दोस्ती पर ज़ोर देते हुए कहा कि दोनों देश साझीदारी को और मज़बूत करेंगे.
ईरान
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि तेहरान को टकराव का रास्ता छोड़ देना चाहिए, उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश और ब्रिटेन ईरान के साथ संवाद कयाम करना चाहते हैं.
लेकिन साथ ही, उन्होंने चेतवानी भी दी, "अगर ईरान हमारे प्रस्तावों की अनदेखी करता रहा तो हमारे उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंधों को और सख़्त करना होगा."
उन्होंने कहा कि ईरान के सबसे बड़े बैंक, उसके तेल और गैस की ब्रिकी वग़ैरह पर भी प्रतिबंध लगाने का अनुरोध यूरोपीय देशों से किया जा सकता है.
डाउनिंग स्ट्रीट में हुई दोनों नेताओं की बैठक के बाद साझा बयान में आतंकवाद का मुक़ाबला पुरज़ोर तरीक़े से करने पर भी बल दिया गया.
दोनों नेता उत्तरी आयरलैंड रवाना हो गए हैं जहाँ वे कई बैठकों में हिस्सा लेने वाले हैं.