बुधवार, 11 जून, 2008 को 05:45 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के युवराज प्रिंस चार्ल्स ने अपने हमनाम पूर्वज राजा चार्ल्स द्वितीय का 357 साल पुराना कर्ज़ अदा किया है.
मध्य इंग्लैड के वॉरसेस्टर में मौजूद कपड़े बनाने वाले एण्ड्रयू ग्राण्ट से वर्ष 1651 के वॉरसेस्टर युद्ध के पहले भविष्य में राजा बनने वाले चार्ल्स द्वितीय ने अपनी सैनिकों की वर्दियाँ सिलवाई थीं.
लेकिन इन हज़ारों वर्दियाँ सिलवाने की क़ीमत, जो उस समय लगभग 450 पाउंड थी, वह चार्ल्स द्वितीय अदा नहीं कर पाए थे.
ब्रिटेन के युवराज प्रिंस चार्ल्स ने एक समारोह में मंगलवार को एण्ड्रयू ग्राण्ट को ये राशि अदा कर दी.
'सूद नहीं चुकाना पड़ा'
इंग्लैंड के गृह युद्ध की आख़िरी लड़ाई मध्य इंग्लैंड के वॉरसेस्टर में लड़ी गई थी.
ये युद्ध चार्ल्स द्वितीय की सेनाओं ने क्रॉमवेल की गणतांत्रिक सेनाओं के विरुद्ध लड़ा था. चार्ल्स द्वितीय की लड़ाई में हार हुई थी और उन्हें देश छोड़ कर फ्राँस भागना पड़ा था.
हांलाँकि, चार्ल्स द्वितीय ने 1660 में वापस आ कर राजगद्दी संभाल ली थी पर उन्होंने वर्दियों की सिलाई का भुगतान नहीं किया था.
उस समय ये भुगतान लगभग 453 पाउण्ड का था.
इंस्टीट्यूट फ़ॉर मेयरमेंट ऑफ़ वर्थ की वेब साइट के अनुसार आज के पैमानों के हिसाब से ये राशि 47500 पाउंड होती यदि इसमें ब्याज भी जोड़ दिया जाता.
वॉरसेस्टर के कपड़े सिलने वाले पिछले 15 साल से इस बकाए की वसूली के प्रयास कर रहे थे.
ग़ौरतलब है कि युवराज को केवल मूल राशि ही चुकानी पड़ी और उन्होंने प्रसन्नता जताई कि उन्हें सूद नहीं चुकाना पड़ा.
युवराज ने ये रकम एक ख़ास बटुए में रख कर दी. यह बटुआ रॉयल शेक्सपियर कंपनी ने 1650 में प्रचलित प्रथा के हिसाब से बनाया था.