रविवार, 08 जून, 2008 को 09:33 GMT तक के समाचार
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने तेहरान में कहा है कि उनका देश ये अनुमति नहीं देगा कि इराक़ को ईरान पर हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जाए.
नूरी अल मलिकी ईरान की यात्रा पर हैं और उन्होंने ये बात ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात में कही.
इराक़ में अमरीका की भूमिका का मुद्दा इस दौरे के एजेंडे में प्रमुख है.
इराक़ में अमरीकी सेना के भविष्य पर चर्चा चल रही है और ईरान इसे लेकर चिंतित है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र से मिली अनुमति के समाप्त होने के बाद इराक़ में अमरीकी उपस्थिति को लेकर इराक़ और अमरीका में बातचीत चल रही है.
कोशिश चल रही है कि इराक़-अमरीका वार्ता में जुलाई तक समझौता हो जाए लेकिन इराक़ की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को लेकर बातचीत अटकी हुई है.
माना जा रहा ही कि इराक़ी प्रधानमंत्री इराक़ में कथित तौर पर शिया चरमपंथियों को ईरान के समर्थन का मसला भी उठाएँगे.
मार्च और मई के बीच शिया मिलिशिया ने अमरीकी और इराक़ी सेना के साथ कई बार संघर्ष किया है. जून 2005 में कार्यभार संभालने के बाद ये इराक़ी प्रधानमंत्री की तीसरी ईरान यात्रा है.
बीबीसी संवादादता जिम मूइर का कहना है कि सरकारी सूत्रों के मुताबिक इराक़ी सुरक्षा अधिकारी ईरान को इस बात के सुबूत दिखाएँगे कि कैसे ईरान कथित तौर पर मिलिशिया को समर्थन देता है.
ईरान ने हमेशा इस बात से इनकार किया है लेकिन अधिकारियों के मुताबिक नूरी अल मलिकी एक बार फिर आग्रह करेंगे कि ईरान इराक़ सरकार
का समर्थन करे और मिलिशिया को गुप्त सहायता देना बंद करे.