शनिवार, 07 जून, 2008 को 06:15 GMT तक के समाचार
तुर्की में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल ने सर्वोच्च न्यायालय के उस फ़ैसले की आलोचना की है जिसमें न्यायालय ने छात्राओं को हिजाब पहनने देने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया था.
पार्टी का कहना है कि न्यायालय ने इस तरह का फ़ैसला देकर न्यायाधिकरण के अधिकारों का दुरुपयोग किया है.
सत्तारूढ़ दल की ओर से इस प्रतिक्रिया के एक दिन पहले ही तुर्की की सर्वोच्च अदालत ने कॉलेज जाने वाली छात्राओं को हिजाब पहनने की इजाज़त देने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था.
अदालत ने इसे धर्मनिरपेक्षता के ख़िलाफ़ बताया था.
इससे पहले तुर्की की संसद ने कॉलेज जाने वाली छात्राओं को हिजाब पहनने की इजाज़त देने के समर्थन में एक विधेयक पारित किया था.
लेकिन तुर्की की संवैधानिक अदालत ने इसे देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के ख़िलाफ़ बताया है.
तुर्की की सरकार का कहना है कि हिजाब या दुपट्टा पहनने पर लगी पाबंदीकी वजह से ऐसी हज़ारों लड़कियाँ उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय नहीं जातीं जो हिजाब पहनना या सिर पर दुपट्टा रखना पसंद करती हैं.
प्रतिक्रिया
तुर्की की संसद ने उच्च शिक्षा संस्थानों में महिलाओं के हिजाब पहनने या सिर पर दुपट्टा रखने पर लगी पाबंदी को हटाने के लिए पहले संवैधानिक संशोधन को 107 के मुक़ाबले 403 मतों से मंज़ूरी दी थी.
लेकिन तुर्की की धर्मनिरपेक्ष प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकतर लोगों ने इसका विरोध किया.
विरोधियों का कहना था कि हिजाब या सिर पर दुपट्टा रखना राजनीतिक इस्लाम का प्रतीक है इससे तुर्की गणराज्य की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति को ख़तरा पैदा होता है.
अभी एक अन्य अदालत में तुर्की में सत्तारूढ़ एके पार्टी (एकेपी) पर धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से खिलवाड़ करने का मामला चल रहा है.
इस मामले में अदालत एकेपी को प्रतिबंधित करने का फ़ैसला भी सुना सकती है.
हालाँकि ताज़ा फ़ैसले पर एकेपी के वरिष्ठ नेता बेकर बोज़दैग ने कहा कि अदालत संसदीय प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है.